पीटीआई: फरीदाबाद में उजागर हुए अंतरराज्यीय आतंकी मॉड्यूल की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, पुलिस को चौंकाने वाले तथ्य हाथ लग रहे हैं। गिरफ्तार आठ संदिग्धों में शामिल लखनऊ की डॉ. शाहीन सैय्यद के तार अब प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद की महिला इकाई ‘जमात उल मोमिनात’ से जुड़ते दिखाई दे रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, शाहीन सैय्यद ने महाराष्ट्र के एक व्यक्ति से शादी की थी, जो ज्यादा समय नहीं चली और 2015 में तलाक हो गया। बताया जा रहा है कि तलाक के बाद वह फरीदाबाद के अल-फलाह विश्वविद्यालय में पढ़ा रही थीं और अकेली रह रही थीं।
पाकिस्तानी हैंडलर से सीधा संपर्क
जांच एजेंसियों को शक है कि तलाक के बाद की इस अकेली ज़िंदगी का फायदा उठाते हुए आतंकियों ने उन्हें कट्टरपंथी बना लिया। पुलिस का दावा है कि शाहीन का संपर्क पाकिस्तान स्थित हैंडलर से था, जो भारत में महिलाओं को आतंकी गतिविधियों में शामिल करने का काम कर रहा था।
जमात उल मोमिनात—नई आतंकी रणनीति का हिस्सा
यह संगठन हाल ही में जैश प्रमुख मसूद अजहर की मंजूरी से बनाया गया है और इसे उसकी पत्नी सादिया अजहर संचालित कर रही है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह समूह इस्लामिक स्टेट (ISIS) के ढांचे पर काम कर रहा है, जहां महिलाओं को फिदायीन ऑपरेशन और लॉजिस्टिक सपोर्ट जैसे कामों में इस्तेमाल किया जाता है।
डॉक्टर शाहीन पर कई केस, श्रीनगर में पूछताछ तेज
फरीदाबाद से गिरफ्तारी के बाद शाहीन सैय्यद को श्रीनगर ले जाया गया है, जहां उससे आतंकियों के नेटवर्क, फंडिंग और महिला विंग की गतिविधियों को लेकर लगातार पूछताछ हो रही है। वह दिल्ली कार ब्लास्ट केस में भी आरोपी बताई जा रही है।
2900 किलो विस्फोटक और आठ गिरफ्तारियां
गौरतलब है कि फरीदाबाद में सोमवार को 2900 किलो विस्फोटक सामग्री बरामद की गई थी। इस मामले में तीन डॉक्टरों समेत आठ लोगों की गिरफ्तारी हुई, जिससे साफ हुआ कि यह मॉड्यूल कश्मीर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में फैला एक सुनियोजित नेटवर्क है।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर
खुफिया सूत्रों के अनुसार, यह पहला मौका है जब जैश-ए-मोहम्मद ने भारत में महिला नेटवर्क तैयार करने की कोशिश की है। एजेंसियों को आशंका है कि जमात उल मोमिनात देश में सक्रिय महिला सदस्यों के जरिये आईएसआई की नई साजिश को अंजाम देने में जुटा था।

