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रजत जयंती पर उत्तराखण्ड के नए सफर का खाका: मुख्यमंत्री धामी बोले – ‘अब लक्ष्य है समृद्ध, आत्मनिर्भर और सशक्त उत्तराखण्ड’

 

 

 

 

देहरादून: उत्तराखण्ड के गठन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को बलवीर रोड स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रेस वार्ता करते हुए कहा कि राज्य की रजत जयंती केवल उत्सव नहीं, बल्कि आत्ममंथन और नए संकल्प का अवसर है। उन्होंने कहा कि अब उत्तराखण्ड अगले 25 वर्षों के लिए नया रोडमैप लेकर आगे बढ़ेगा, जिसका लक्ष्य है — “समृद्ध, आत्मनिर्भर और सशक्त उत्तराखण्ड।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रखे गए विकसित भारत 2047 के संकल्प के अनुरूप, राज्य सरकार वर्ष 2050 तक उत्तराखण्ड को स्वर्ण जयंती वर्ष के रूप में आत्मनिर्भर और प्रगतिशील राज्य बनाने के लिए ठोस कदम उठा रही है।

प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति की मौजूदगी में ऐतिहासिक आयोजन

मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि रजत जयंती समारोहों के तहत 03 और 04 नवम्बर को देहरादून में विधानसभा का विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें 03 नवम्बर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु विशेष सत्र को संबोधित करेंगी।

उन्होंने कहा, “यह हमारे राज्य के लिए गर्व का क्षण होगा, जब महामहिम राष्ट्रपति का मार्गदर्शन हमें प्राप्त होगा।”

वहीं, 09 नवम्बर को राज्य स्थापना दिवस के मुख्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तराखण्ड की विकास यात्रा पर अपनी दृष्टि साझा करेंगे।

जनभागीदारी पर जोर

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह केवल सरकारी आयोजन नहीं बल्कि जनभागीदारी का उत्सव है। उन्होंने कहा कि “हर नागरिक और हर जनपद को इस उत्सव से जोड़ा जाएगा, ताकि यह पर्व राज्य के सामूहिक गौरव का प्रतीक बने।”

विकास और सुशासन की उपलब्धियां

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है जिसने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की है। इसके अलावा भूमि कानून, धर्मांतरण विरोधी, नकल विरोधी और दंगारोधी कानून लागू कर सुशासन की दिशा में मजबूत कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि राज्य आंदोलनकारियों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत और महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है, जबकि सहकारी समितियों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिल रहा है।

रोजगार और निवेश में नया रिकॉर्ड

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों में 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में 3.56 लाख करोड़ रुपये के एमओयू साइन हुए, जिनमें से एक लाख करोड़ से अधिक के निवेश की ग्राउंडिंग हो चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य का बजट पहली बार एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रस्तुत किया गया है, जो वित्तीय प्रगति का बड़ा संकेत है।

सामाजिक सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण

धामी ने बताया कि स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है। 58 लाख आयुष्मान कार्ड वितरित किए जा चुके हैं, मातृ मृत्यु अनुपात में उल्लेखनीय कमी आई है, और लखपति दीदी योजना के तहत 1.65 लाख से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बनी हैं। वृद्धावस्था पेंशन को बढ़ाकर ₹1500 प्रति माह किया गया है।

धार्मिक पर्यटन और अवसंरचना विकास

मुख्यमंत्री ने बताया कि धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के पुनरोद्धार के लिए केदारनाथ पुनर्निर्माण, बद्रीनाथ मास्टर प्लान और मानसखण्ड मंदिर माला मिशन जैसे प्रोजेक्ट जारी हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली-देहरादून एलिवेटेड रोड और ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन जैसी परियोजनाएं राज्य के विकास की गति को कई गुना बढ़ा देंगी।

पलायन रोकथाम पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों के विकास और पलायन रोकने के लिए वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम, स्मार्ट इंडस्ट्रियल टाउनशिप और मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना जैसी पहलें राज्य में चल रही हैं।

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