खटीमा: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पूर्वांचल सेवा समिति द्वारा संजय रेलवे पार्क, खटीमा में आयोजित सूर्य षष्ठी व्रत महोत्सव (छठ पूजा) के कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित कर प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। वहीँ दूसरी तरफ मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सोमवार को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। इस अवसर पर उन्होंने सूर्यदेव और छठी मैया से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाल जीवन की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्वांचल सेवा समिति द्वारा आयोजित यह भव्य-दिव्य आयोजन सनातन संस्कृति की जीवंत परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि “छठ पूजा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि यह जीवन मूल्यों, पारिवारिक संस्कारों और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का महापर्व है। यह पर्व हमें पर्यावरण संरक्षण और सामूहिक आस्था का संदेश देता है।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “देवभूमि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के हमारे ‘विकल्प रहित संकल्प’ को हम अवश्य पूरा करेंगे। मुझे विश्वास है कि छठी मैया और भगवान सूर्य नारायण के आशीर्वाद से यह लक्ष्य शीघ्र ही सिद्ध होगा।”
सीएम धामी ने कहा कि छठ महापर्व भारत की महान संस्कृति का अनूठा उदाहरण है, जिसमें उगते सूर्य के साथ अस्त होते सूर्य को भी अर्घ्य दिया जाता है। यह पर्व हर वर्ग और क्षेत्र के लोगों को जोड़ने वाला पर्व है — चाहे बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश हो या उत्तराखंड, हर जगह इसे श्रद्धा के साथ मनाया जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज भारत विश्व मंच पर नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने कहा कि “हमारी सरकार भी मोदी जी से प्रेरणा लेकर देवभूमि के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।”
धामी ने कहा, “खटीमा मेरा घर है, और आप सभी मेरा परिवार। यहीं से मैंने जनसेवा की यात्रा आरंभ की थी।” उन्होंने कहा कि खटीमा के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार ने स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और बुनियादी ढांचे को सशक्त करने के कई कदम उठाए हैं।
सीएम ने बताया कि “राजकीय महाविद्यालय खटीमा में एमकॉम और एमएससी की कक्षाएँ आरंभ की गई हैं, जबकि जनजाति बाहुल्य क्षेत्र में एकलव्य विद्यालय भी संचालित हो रहा है।”
उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों के चलते राज्य नीति आयोग की एसडीजी इंडेक्स रिपोर्ट में उत्तराखंड देश में पहले स्थान पर पहुँचा है। बेरोजगारी दर में भी एक वर्ष में 4.4 प्रतिशत की कमी आई है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार देवभूमि की सांस्कृतिक पहचान और जनसंख्या संरचना की रक्षा के लिए संकल्पबद्ध है। लैंड जिहाद, लव जिहाद और थूक जिहाद जैसी कुरीतियों पर सख्त कार्रवाई की गई है। अब तक 9 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि मुक्त कराई गई है, 250 अवैध मदरसे सील किए गए हैं, और 500 से अधिक अवैध संरचनाएँ हटाई गई हैं।
“ऑपरेशन कालनेमि” के तहत सनातन धर्म को बदनाम करने वाले पाखंडियों पर भी कठोर कार्रवाई की जा रही है।
धामी ने आगे कहा कि समान नागरिक संहिता कानून लागू कर समरस समाज निर्माण की दिशा में राज्य ने ऐतिहासिक कदम बढ़ाया है। नकल माफिया के खिलाफ सख्त कानून से 26 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है।
उन्होंने कहा, “हम भ्रष्टाचार पर ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ की नीति पर कार्य कर रहे हैं। पिछले चार वर्षों में 200 से अधिक भ्रष्ट अधिकारियों को जेल भेजा गया है।”
