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दून विश्वविद्यालय में हिमालयी सतत विकास शिखर सम्मेलन (SMDS-XII) में हिमालयी राज्यों के विधायकों, वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों ने की गहन चर्चा

 

 

 

देहरादून: दून विश्वविद्यालय में आयोजित इंटीग्रेटेड माउंटेन इनिशिएटिव (IMI) के १२वें सतत पर्वतीय विकास शिखर सम्मेलन (SMDS-XII) के दूसरे दिन, हिमालय में बढ़ती आपदाओं की चिंता के बीच सतत विकास की चुनौतियों और समाधानों पर हिमालयी राज्यों के विधायकों, वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों के बीच गहन विचार-विमर्श हुआ।

इस दिन उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण की अध्यक्षता में पर्वतीय विधायक बैठक (Mountain Legislators’ Meet – MLM) आयोजित की गई।

सम्मेलन में प्रतिष्ठित प्रतिभागियों में नबम तुकी (पूर्व मुख्यमंत्री, अरुणाचल प्रदेश), मुन्ना सिंह चौहान, श्री किशोर उपाध्याय  हेकानी जाखालू,  वांगपांग कोन्याक (नागालैंड),  टिकेंद्र एस. पंवार (पूर्व महापौर, हिमाचल प्रदेश) शामिल थे।

IMI अध्यक्ष  रमेश नेगी (सेवानिवृत्त आईएएस), पूर्व IMI अध्यक्ष  पी.डी. राय और MLM संयोजक  अनूप नौटियाल भी उपस्थित रहे।

मुख्य बिंदु और वक्तव्य

अन्य प्रमुख गतिविधियाँ और चर्चा

शिखर सम्मेलन के अंतिम दिन की मुख्य सिफारिशें

  1. जलवायु परिवर्तन अनुकूलन और आपदा तैयारी पर ध्यान।

  2. पर्वतीय कृषि-पारिस्थितिकी को मजबूत करना।

  3. क्षेत्र-विशेष नीतियों की तत्काल आवश्यकता।

  4. राष्ट्रीय स्तर पर समर्पित पर्वतीय नीति और निर्णय निकायों की स्थापना।

  5. सहभागितापूर्ण योजना प्रक्रियाओं और पर्याप्त वित्तीय आवंटन।

  6. सामुदायिक-संचालित लचीलापन और जोखिम-संवेदनशील योजना।

  7. एकीकृत जल संसाधन प्रबंधन।

समापन और “देहरादून घोषणा”

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