नेपाल में व्यापक अराजकता: प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और राष्ट्रपति का इस्तीफा, सेना ने संभाली सुरक्षा व्यवस्था, भारत-नेपाल सीमा पर अलर्ट

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काठमांडू: नेपाल में सामाजिक असंतोष और व्यापक विरोध प्रदर्शन ने विकराल रूप धारण कर लिया है। सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लगाए गए प्रतिबंध के विरोध में शुरू हुआ प्रदर्शन जेन-जेड आंदोलन के रूप में सड़कों पर उतर आया और भ्रष्टाचार विरोधी व्यापक आंदोलन में बदल गया। इसके चलते नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और राष्ट्रपति ने भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते इस्तीफा दे दिया।

स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है

विरोध प्रदर्शन मंगलवार को भी जारी रहे, जहाँ राजधानी काठमांडू में कई सरकारी इमारतों में आग लगा दी गई। पशुपतिनाथ मंदिर में भीड़ द्वारा तोड़फोड़ की कोशिश के बाद नेपाल की सुरक्षा जिम्मेदारी सेना को सौंप दी गई। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार अब तक 19 लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों अन्य घायल हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री आवास पर भी धावा बोला।

जेल तोड़फोड़ और कैदी भागने की घटनाएँ

महोत्तरी जिले के जलेश्वर जेल से 570 से अधिक कैदी दीवार तोड़कर भाग निकले। इसके अतिरिक्त, पोखरा और नाखू जेलों से लगभग 900 कैदी भागने की खबरें सामने आईं।

पूर्व प्रधानमंत्री की पत्नी की दुखद मृत्यु

नेपाल की पूर्व प्रथम महिला राज्यलक्ष्मी चित्रकार का काठमांडू स्थित घर प्रदर्शनकारियों ने आग के हवाले कर दिया, जिससे उनकी दुखद मृत्यु हो गई।

भारत की प्रतिक्रिया और सुरक्षा इंतजाम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हिंसा को हृदयविदारक बताया और एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा, “मेरा मन इस बात से बेहद व्यथित है कि कई युवाओं की जान चली गई। नेपाल की स्थिरता, शांति और समृद्धि सर्वोपरि है।”

इसके साथ ही भारत-नेपाल सीमा पर सभी क्रॉसिंग बंद कर दी गई हैं। पुलिस चौकियों में आग लगने से पुलिसकर्मी अपनी चौकियाँ छोड़कर भाग गए। संवेदनशील स्थिति को देखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस और पश्चिम बंगाल समेत अन्य सीमावर्ती जिलों को 24 घंटे हाई अलर्ट पर रखा गया। लखनऊ में एक विशेष नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है ताकि नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों को सहायता दी जा सके। नागरिक निम्न हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर मदद ले सकते हैं:

📞 0522-2390257 | 0522-2724010 | 9454401674

📱 व्हाट्सएप नंबर: 9454401674

इसके साथ ही नेपाल में हवाईअड्डे बंद कर दिए गए हैं, जिसके कारण गुजरात के 40 से अधिक भारतीय नागरिक नेपाल में फंसे हुए हैं।

नेपाल में चल रही हिंसा और अशांति की स्थिति अभी भी नियंत्रण से बाहर मानी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की निगाहें इस पर टिकी हैं और आगामी दिनों में स्थिति पर और भी अपडेट आने की संभावना है।

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