नैनीताल: पहाड़ों की रानी नैनीताल इन दिनों मूसलाधार बारिश की मार झेल रहा है। रविवार रात से जारी भारी वर्षा ने सोमवार को हालात और बिगाड़ दिए। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण इलाकों तक बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। स्थानीय लोग और पर्यटक घरों व होटलों में कैद होकर रह गए हैं।
लगातार बारिश से नैनी झील का जलस्तर 87.5 फीट तक पहुंच गया, जिसके चलते सिंचाई विभाग ने एहतियातन झील के दोनों निकासी गेट 15-15 इंच खोल दिए हैं। झील से जुड़े नाले उफान पर आ गए और शहर की सड़कें जलमग्न हो गईं।
16 सड़कें बंद
बारिश से भूस्खलन और मलबा आने के कारण जिले में एक राष्ट्रीय राजमार्ग समेत कुल 16 सड़कें ठप हो गई हैं। इनमें ज्योलीकोट-क्वारब, रामनगर-भंडारपानी, हल्द्वानी-चोरगलिया, भुजियाघाट-सूर्यागांव समेत प्रमुख मार्ग शामिल हैं।
नंदा देवी मेला परिसर जलभराव से प्रभावित
मूसलाधार वर्षा ने इस बार नंदा देवी महोत्सव के इंतजामों की पोल खोल दी। मेला परिसर में पानी भर गया, जिससे दुकानदारों का सामान भीगकर खराब हो गया। वॉटरप्रूफ टेंट और कैनोपी के दावों के बावजूद पानी नीचे से घुस गया। कारोबारियों को अपनी दुकानों को चारों ओर से तिरपाल से ढकना पड़ा।
बारिश के चलते झूले भी बंद रहे और लोगों की आवाजाही बेहद कम रही। मेलाधिकारी ने स्थल का निरीक्षण कर पालिका को तत्काल जलभराव से निपटने के निर्देश दिए।
राहत और चिंता साथ-साथ
जहां बारिश से तापमान में गिरावट से मौसम सुहावना हुआ है, वहीं सड़क बंद होने, जलभराव और पर्यटन गतिविधियों पर ब्रेक लगने से स्थानीय लोगों और कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। नैनीताल में बीते 24 घंटे में 55 एमएम से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है।

