उत्तराखंड में कुदरत का कहर: चमोली से उत्तरकाशी तक आफत की बारिश, सड़कों का टूटा संपर्क, खतरे की घंटी जारी”

 

 

 

देहरादून: उत्तराखंड एक बार फिर आसमानी कहर की चपेट में है। प्रदेश के पर्वतीय जिलों में मूसलधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। उत्तरकाशी के धराली गांव में बादल फटने की घटना के बाद अब चमोली जिले में भारी बारिश ने आफत मचा दी है।

ज्योतिर्मठ–मलारी मार्ग वॉशआउट, NH-58 भी बंद

चमोली जिले में ज्योतिर्मठ-मलारी मोटर मार्ग का बड़ा हिस्सा सलधार के पास पूरी तरह वॉशआउट हो गया है, जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। इसके साथ ही बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-58) भी पागलनाला और भनेरपानी के पास मलबा आने के कारण अवरुद्ध हो गया है। BRO की टीमें मलबा हटाने के कार्य में लगी हैं लेकिन बारिश के चलते चुनौती लगातार बढ़ती जा रही है।

https://x.com/chamolipolice/status/1952689932616503485

 

चमोली पुलिस की अपील

चमोली पुलिस ने स्थानीय निवासियों और यात्रियों से अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। साथ ही, जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सख्त हिदायत दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

मौसम विभाग का अलर्ट – अगले 24 घंटे भी भारी

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि प्रदेश में आगामी 24 घंटे और भी चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। देहरादून, टिहरी, पौड़ी और बागेश्वर में भारी बारिश का अनुमान है, जबकि हरिद्वार, नैनीताल और चंपावत में बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। पर्वतीय जिलों — उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और अल्मोड़ा में भी भारी वर्षा को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।

भूस्खलन और जलभराव से हालात नाजुक

लगातार हो रही बारिश से पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं बढ़ी हैं, जबकि मैदानी क्षेत्रों में जलभराव से लोग परेशान हैं। स्कूलों में छुट्टियां घोषित की गई हैं और कई प्रशासनिक इकाइयों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।

सरकार और प्रशासन मुस्तैद

राज्य सरकार और जिला प्रशासन आपदा नियंत्रण में जुटे हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं और सभी संबंधित विभागों को युद्ध स्तर पर कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।

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