-धारचूला-तेजम क्षेत्र में जनजीवन अस्त-व्यस्त
-सड़कों पर झरने बहे, घरों पर गिरे बोल्डर, पैदल पहुंचे ग्रामीण
पिथौरागढ़ : सीमांत जनपद पिथौरागढ़ की पांच तहसीलों में लगातार हो रही मूसलधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। धारचूला और तेजम तहसील क्षेत्र में स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर बनी हुई है। चीन सीमा का संपर्क तीसरे दिन भी पूरी तरह भंग है, जिससे कई गांवों में दहशत और संकट की स्थिति है।
बंद रास्ते, टूटी सड़कें, फंसे ग्रामीण
तवाघाट-लिपुलेख, तवाघाट-सोबला, दारमा और मुनस्यारी-मिलम मार्ग बंद हैं, जिससे पांच दर्जन से अधिक गांवों का अन्य क्षेत्रों से संपर्क पूरी तरह कट चुका है। टनकपुर-तवाघाट हाईवे लखनपुर के पास मलबा आने से पांच घंटे बंद रहा, जबकि जौलजीबी-मुनस्यारी और थल-मुनस्यारी मार्ग क्रमशः छह और आठ घंटे बाधित रहे।
धारचूला में नाले ने मचाई तबाही
सोबला में नाले का पानी बाजार तक पहुंच गया, जिससे दुकानों, होटलों और मकानों के बाहर रखा सामान बह गया। रातभर ग्रामीणों में दहशत का माहौल रहा। पूजा के लिए व्यास जा रहे ग्रामीण गस्कू में फंसे रहे और पैदल चलकर पांगला पहुंचे। पुलिस ने 30 लोगों को राहत देते हुए वाहन से सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया और भोजन व ठहरने की व्यवस्था की।
सड़कें बनीं झरने, मकान खतरे में
सोबला-दारमा मार्ग पर झरना सड़क पर बहने लगा है। मुनस्यारी-मिलम मार्ग और होकरा-नामिक सड़क कई स्थानों पर ध्वस्त हो चुकी हैं। होकरा में भूस्खलन से इंद्र सिंह और बलवंत सिंह के घर खतरे में हैं। बौना गांव की सड़क बहने से बच्चों और ग्रामीणों को कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ रहा है।
नाचनी में बड़ा नुकसान
थल-मुनस्यारी मार्ग रातीगाड़ के पास आठ घंटे तक बाधित रहा। नाचनी-बांसबगड़ समेत क्षेत्र की सभी सड़कों पर आवाजाही ठप है। वमन गांव में हरीश राम का मकान बोल्डर गिरने से ध्वस्त हो गया, जिसमें वह घायल हो गए। उनकी पत्नी और बच्चों ने उन्हें खिड़की से निकाल कर बचाया। ग्राम प्रधान शांति देवी ने मौके का मुआयना किया।
पानी और पुल का संकट
रामगंगा नदी के कटाव से नाचनी में कई पाली हाउस बह गए हैं और कुछ हवा में लटके हैं। पेयजल लाइन बहने से जल संकट खड़ा हो गया है। बंगापानी तहसील का कनार गांव पुल बह जाने से पूरी तरह अलग-थलग पड़ गया है।

