नशा मुक्त उत्तराखंड” अभियान के तहत औषधि विभाग की बड़ी कार्रवाई, अवैध औषधियाँ ज़ब्त, फर्म सील

 

 

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेश में “नशा मुक्त उत्तराखंड” अभियान को सख्ती से लागू करते हुए खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने देहरादून और हरिद्वार में एक के बाद एक बड़ी कार्रवाइयाँ की हैं। औषधियों के दुरुपयोग और अवैध भंडारण के विरुद्ध यह अभियान निर्णायक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है।

देहरादून में थोक औषधि विक्रेताओं का औचक निरीक्षण, फर्म सील

देहरादून में औषधि निरीक्षकों की टीम ने 5 थोक औषधि विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। एक फर्म मौके पर बंद पाई गई जिसे मकान मालिक की उपस्थिति में खोला गया। जांच में वहाँ मनःप्रभावी औषधियाँ (Psychotropic Medicines) अवैध रूप से भंडारित पाई गईं। फर्म स्वामी की अनुपस्थिति में समस्त औषधियाँ सील कर फर्म को बंद कर दिया गया और आगे की विधिक कार्रवाई प्रारंभ की गई।

टर्नर रोड पर मियाद समाप्त औषधियाँ नष्ट

औषधि विभाग को सी-5 टर्नर रोड स्थित एक प्लॉट में मियाद समाप्त औषधियों के अवैध निस्तारण की सूचना मिली थी। मौके पर छापा मारकर फेंकी गई औषधियाँ बरामद कर उन्हें तत्काल नष्ट किया गया। संलिप्त व्यक्ति अथवा फर्म की पहचान की जा रही है, पुष्टि होते ही कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

गुणवत्ता परीक्षण के लिए लिए गए नमूने

निरीक्षण के दौरान तीन औषधियों के नमूने गुणवत्ता जांच हेतु प्रयोगशाला भेजे गए हैं। रिपोर्ट प्राप्त होने के पश्चात उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण दल में औषधि निरीक्षक मानेंद्र सिंह राणा (टीम लीडर), विनोद जगुड़ी एवं निधि रतूड़ी शामिल रहे।

हरिद्वार में बड़ी खेप की आपूर्ति रोकी, ट्रामाडोल API ज़ब्त

जनपद हरिद्वार में वरिष्ठ औषधि निरीक्षक अनीता भारती के नेतृत्व में एक विशेष छापामार टीम ने साढ़े तीन लाख ट्रामाडोल टैबलेट्स के निर्माण से पहले ही उसकी API (Active Pharmaceutical Ingredient) जब्त कर ली। यह कार्रवाई पंजाब में जब्त की गई 70,000 ट्रामाडोल टैबलेट्स से जुड़े सुराग के आधार पर की गई, जिनका निर्माण हरिद्वार की लूसेंट बायोटेक प्रा. लि. द्वारा किया गया था। पंजाब पुलिस के सहयोग से संयुक्त छापेमारी कर एक आपराधिक आपूर्ति श्रृंखला को समय रहते रोका गया।

मुख्यमंत्री की सख्त मंशा, विभाग पूरी तरह सक्रिय

स्वास्थ्य सचिव एवं आयुक्त (एफएसडीए) डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप प्रदेश को नशा मुक्त और औषधीय दुरुपयोग से मुक्त बनाना हमारी प्राथमिकता है। मियाद समाप्त औषधियाँ, अवैध भंडारण, तथा बिना लाइसेंस संचालन जैसे मामलों में शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि सभी औषधि विक्रेताओं को समय-समय पर उचित निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं और विभाग लगातार निरीक्षण कर रहा है।

औषधि विभाग का सघन अभियान जारी रहेगा

औषधि नियंत्रक उत्तराखंड के निर्देशन में राज्यभर में औषधि विक्रेताओं और विनिर्माताओं पर निरंतर निगरानी एवं निरीक्षण अभियान जारी रहेगा। विभाग द्वारा समयबद्ध कार्रवाई से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी अवैध गतिविधि प्रदेश की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को प्रभावित न कर सके।

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