देहरादून: हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में 27 जुलाई को हुई दुर्घटना के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के तीर्थ स्थलों पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को लेकर बड़ा कदम उठाया है। उनके निर्देश पर प्रमुख सचिव आरके सुधांशु ने मंगलवार को सचिव पर्यटन को प्रदेश के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों के लिए विस्तृत मास्टर प्लान तैयार करने के आदेश जारी किए हैं।
तीर्थ स्थलों की भीड़ और सुरक्षा के लिए बनेगा रोडमैप
मुख्यमंत्री के आदेश के बाद तैयार किया जा रहा यह मास्टर प्लान विशेष रूप से उन तीर्थ स्थलों पर केंद्रित होगा, जहां हर वर्ष लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। योजना के क्रियान्वयन में गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों के मंडलायुक्तों का सहयोग अनिवार्य रूप से लिया जाएगा।
मास्टर प्लान में क्या-क्या होगा शामिल?
1. भीड़ नियंत्रण और मार्ग प्रबंधन
2. धारण क्षमता का वैज्ञानिक मूल्यांकन और विस्तार
3. प्रवेश और निकास मार्गों का पृथकीकरण
4. प्रतीक्षा क्षेत्रों का निर्माण
5. आपातकालीन निकासी व्यवस्था
6. शुद्ध पेयजल, शौचालय और प्राथमिक उपचार सुविधाएं
7. सुगठित सूचना और दिशानिर्देश प्रणाली
8. पार्किंग की समुचित व्यवस्था
9. पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती
अवैध अतिक्रमण पर सख्ती
प्रमुख सचिव ने आदेश में स्पष्ट किया है कि तीर्थ स्थलों के रास्तों पर यदि अवैध अतिक्रमण पाया जाता है, तो उसे प्राथमिकता के आधार पर हटाया जाए, ताकि आपात स्थितियों में यात्रियों की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित की जा सके।
मुख्यमंत्री धामी का बयान — “हर तीर्थ यात्री की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता”
“उत्तराखंड में हर साल करोड़ों श्रद्धालु तीर्थ यात्रा के लिए आते हैं। उनकी सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह मास्टर प्लान हमारी प्रतिबद्धता का हिस्सा है कि हम धर्म और पर्यटन के संतुलन को सुरक्षित और सुगम बनाएं।”
— पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

