AMRUT-I योजना में धीमी प्रगति पर असंतोष, सचिव बगौली ने दिए समयबद्ध कार्ययोजना के निर्देश

 

 

रुद्रपुर: उत्तराखण्ड शासन के पेयजल सचिव शैलेश बगौली ने रविवार को ऊधम सिंह नगर जनपद के रुद्रपुर और गदरपुर विकासखंडों में विभिन्न पेयजल योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने योजनाओं की गुणवत्ता, नल कनेक्शनों की क्रियाशीलता और जल आपूर्ति की स्थिति का गहन आकलन कर समयबद्ध कार्यप्रणाली और जागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश दिए।

दानपुर एकल ग्राम योजना: 314 परिवारों को मिला साफ पानी

सचिव बगौली ने दानपुर योजना में नलकूप और ऊर्ध्व जलाशय निर्माण की गुणवत्ता को उत्तम बताया। 314 परिवारों को FHTC कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने पांच घरों में जल आपूर्ति की गुणवत्ता, दबाव और समय का निरीक्षण किया, जो संतोषजनक रहा।

रायपुर योजना में लीकेज पर सख्ती

रायपुर योजना के अंतर्गत 532 परिवारों को कनेक्शन दिए गए हैं। कुछ ग्रामीणों ने पाइपलाइन लीकेज की शिकायत की, जिस पर सचिव ने अधिशासी अभियंता को एक सप्ताह में रिपोर्ट भेजने और तत्काल सुधार के निर्देश दिए।

सरोवरनगर में कनेक्शन से इनकार करने वाले परिवारों को जोड़ने का निर्देश

सरोवरनगर योजना के अंतर्गत 521 परिवारों को कनेक्शन दिए गए, लेकिन 25 परिवारों ने कनेक्शन लेने से इनकार कर दिया। सचिव ने एक माह में सभी को जोड़ने के निर्देश देते हुए जनसंपर्क बढ़ाने को कहा।

AMRUT-I योजना की समीक्षा में मिलीं खामियां

AMRUT-I योजना की समीक्षा करते हुए सचिव ने पाया कि कई उपभोक्ताओं ने अभी तक जल कनेक्शन नहीं लिया है। उन्होंने नगर आयुक्त के साथ समन्वय कर विशेष जनजागरूकता अभियान चलाने और पाइप्ड वॉटर सप्लाई की स्वच्छता व स्वास्थ्य लाभ को आमजन तक पहुँचाने की बात कही। अधूरे कार्यों पर असंतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने एक सप्ताह के भीतर स्पष्ट कार्ययोजना मुख्यालय को भेजने का निर्देश दिया।

FSTP का निरीक्षण: स्लज प्रबंधन की क्षमता पर संतोष

 बगौली ने 25 केएलडी क्षमता वाले फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (FSTP) का निरीक्षण भी किया, जहां प्रतिदिन 10–12 टैंकरों का प्रभावी उपचार हो रहा है। उन्होंने कहा कि नगर की आबादी और सेप्टिक टैंक खाली करने की औसत अवधि के अनुसार फीकल स्लज गणना कर वास्तविक आंकड़ों से तुलना की जाए, और अंतर आने पर व्यावहारिक कार्ययोजना बनाई जाए।

स्थानीय सहभागिता सराहनीय

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि और ग्रामीण भी मौजूद रहे, जिन्होंने फील्ड स्तर की चुनौतियों और आवश्यकताओं को साझा किया।

सचिव श्री बगौली का यह निरीक्षण दौरा न केवल योजनाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने का प्रयास था, बल्कि पेयजल सेवाओं को जनहित में और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में ठोस कदम भी।

 
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