Site icon The Mountain People

बेंगलुरु भगदड़ कांड में पुलिस अफसरों का सस्पेंशन सही था? कोर्ट ने मांगा जवाब

Photo: News 18

 

TMP: बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर 4 जून को RCB की IPL जीत की परेड के दौरान मची भगदड़ में 11 लोगों की मौत हुई थी। अब इस मामले में कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के पांच पुलिस अफसरों को सस्पेंड करने के फैसले पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या ट्रांसफर काफी नहीं था?
हाईकोर्ट की बेंच ने गुरुवार को सुनवाई के दौरान सरकार से पूछा कि क्या सिर्फ सस्पेंड करना ही एकमात्र विकल्प था, या इन अफसरों को ट्रांसफर कर भी जांच जारी रखी जा सकती थी? कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सरकार को यह साबित करना होगा कि सस्पेंशन का फैसला उचित और आवश्यक था।

CAT ने सस्पेंशन को बताया था ‘मैकेनिकल’
इससे पहले सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (CAT) ने IPS अफसर विकास कुमार का सस्पेंशन रद्द कर दिया था और इसे “मैकेनिकल” और बिना सबूतों के लिया गया कदम बताया था। ट्रिब्यूनल ने यहां तक कहा था कि बाकी चार अफसरों को भी राहत दी जानी चाहिए, जिनमें बेंगलुरु के तत्कालीन पुलिस कमिश्नर बी. दयानंद भी शामिल हैं।

सरकार ने कोर्ट में दी दलीलें
एडवोकेट जनरल शशिकिरण शेट्टी ने कोर्ट में कहा कि ट्रिब्यूनल ने जल्दबाजी में फैसला दिया और उनके पास ऐसे सबूत हैं, जिनसे पांचों अफसरों की लापरवाही साबित होती है। उन्होंने कोर्ट से ट्रिब्यूनल के आदेश पर रोक लगाने की अपील की।

उन्होंने बताया कि विकास कुमार ने CAT के आदेश के बाद बिना औपचारिक आदेश के 2 जुलाई को ड्यूटी जॉइन कर ली। इस पर कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि विकास अगली सुनवाई (9 जुलाई) तक कोई कदम न उठाएं।

RCB की परेड या पुलिस की चूक?
IPS विकास कुमार ने CAT में दलील दी थी कि RCB ने IPL जीत की परेड का ऐलान बिना पुलिस अनुमति के इंस्टाग्राम पर कर दिया था। बिना पूर्व अनुमति और समन्वय के अचानक भारी भीड़ स्टेडियम पहुंची, जिससे भगदड़ मच गई। इसी हादसे में 11 लोगों की मौत के बाद 5 जून को पांच अफसरों को सस्पेंड किया गया था।

अब सवाल यह है कि इस दर्दनाक हादसे की असल ज़िम्मेदारी RCB की अचानक परेड पर थी या फिर पुलिस की व्यवस्थागत विफलता पर? हाईकोर्ट की सुनवाई से तय होगा कि न्याय की दिशा किस ओर जाती है।

Exit mobile version