देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में जन शिकायत निवारण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए बड़ा एक्शन प्लान तैयार किया है। सचिवालय में आयोजित सीएम हेल्पलाइन 1905 की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने 180 दिन से अधिक लंबित शिकायतों पर नाराजगी जताई और विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय में निस्तारण न करने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम हेल्पलाइन को राज्य की बेस्ट प्रैक्टिस में लाने के लिए जन संवाद और तकनीकी दक्षता दोनों पर बल दिया जाएगा। फोर्स क्लोजर जैसी कार्यप्रणालियों पर रोक लगाते हुए उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि शिकायतों का ईमानदारी से समाधान ही प्राथमिकता होनी चाहिए।
राज्यव्यापी तहसील और थाना दिवस का आयोजन
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रदेश में एक दिन तहसील दिवस और एक दिन थाना दिवस राज्यव्यापी रूप से आयोजित किए जाएंगे। वे स्वयं औचक निरीक्षण के लिए एक जनपद में प्रतिभाग करेंगे।
इसके अलावा उन्होंने निर्देश दिए कि जनता दर्शन, बीडीसी बैठकें और अतिक्रमण विरोधी अभियान को भी नियमित रूप से आयोजित किया जाए।
बिजली-पेयजल से लेकर नक्शा पासिंग तक त्वरित समाधान के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में जहां बिजली के पोल या ट्रांसफार्मर जर्जर स्थिति में हैं, उन्हें तुरंत बदला जाए। सभी ट्रांसफार्मरों का सेफ्टी ऑडिट कराएं और कम वोल्टेज व लटकते तारों जैसी शिकायतों पर सख्त कार्रवाई हो।
इसके साथ ही उन्होंने नक्शा पासिंग में लंबित मामलों को शीघ्र निस्तारित करने के निर्देश सभी प्राधिकरणों को दिए।
उत्कृष्ट प्रदर्शन वाले विभागों की सराहना
सीएम हेल्पलाइन पर शिकायतों के समाधान में परिवहन, कृषि, समाज कल्याण, ऊर्जा और आबकारी विभाग के कार्य की मुख्यमंत्री ने सराहना की। वहीं राजस्व, गृह, वित्त और लोक निर्माण विभाग को और तेज़ी से काम करने के निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने बैठक में कुछ शिकायतकर्ताओं से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं की स्थिति भी जानी:
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उत्तरकाशी के उपेंद्र सिंह रावत की पेयजल समस्या पर जिलाधिकारी को एक सप्ताह में समाधान के निर्देश।
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हरिद्वार के आलम की स्ट्रीट लाइट संबंधी समस्या का समाधान हो चुका।
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देहरादून के हृदेश नेगी की पुलिया निर्माण पर कार्य शुरू।
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चमोली और नैनीताल के शिकायतकर्ताओं की बिजली व जल आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं का समाधान भी सुनिश्चित किया गया।
बैठक में उत्तराखंड अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, डीजीपी दीपम सेठ सहित वरिष्ठ अधिकारी और सभी जिलाधिकारी वर्चुअली शामिल रहे।
यह बैठक न सिर्फ जन शिकायतों के त्वरित समाधान की दिशा में सरकार की गंभीरता दर्शाती है, बल्कि मुख्यमंत्री धामी की जनसंवेदनशील प्रशासन की सोच को भी मजबूती देती है।
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