TMP: इजरायल और ईरान के बीच चल रहे भीषण संघर्ष ने गुरुवार को एक और खतरनाक मोड़ ले लिया, जब ईरान की लंबी दूरी की मिसाइलों ने दक्षिणी इजरायल के प्रमुख शहर बीरशेबा को निशाना बनाया। इस हमले में शहर के प्रतिष्ठित सोरोका मेडिकल सेंटर समेत कई इमारतें तबाह हो गईं और दर्जनों लोग घायल हो गए। इजरायल सरकार ने इस हमले को “युद्ध अपराध” करार देते हुए करारा जवाब देने की चेतावनी दी है।
ईरानी मिसाइलों की चपेट में आए सोरोका अस्पताल पर हमला इजरायली सेना के दक्षिणी कमान मुख्यालय और आसपास के गाव-यम टेक्नोलॉजी पार्क को निशाना बनाकर किया गया बताया जा रहा है। हालांकि अस्पताल सैन्य ठिकाने से करीब दो किलोमीटर दूर है, लेकिन मिसाइलों के प्रभाव क्षेत्र में होने से अस्पताल को गंभीर क्षति पहुंची। आग लगने की वजह से भवन को खाली कराना पड़ा, लेकिन समय रहते मरीजों को भूमिगत शेल्टर में ले जाने से जानमाल की बड़ी हानि टल गई।
बीरशेबा क्यों बना ईरान का निशाना?
बीरशेबा कोई सामान्य शहर नहीं है। नेगेव रेगिस्तान की राजधानी माने जाने वाले इस शहर में इजरायल की सैन्य लॉजिस्टिक्स, संचार, और हवाई सुरक्षा का बड़ा हिस्सा केंद्रित है। पास ही में हेटज़रिम और नेवातिम एयरबेस स्थित हैं, जो इजरायल के वायु अभियान संचालन में अहम भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा, बीरशेबा से महज 20 मील की दूरी पर डिमोना का परमाणु अनुसंधान केंद्र भी है – जिसे लेकर लंबे समय से वैश्विक चिंता बनी हुई है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि बीरशेबा पर हमला करके ईरान न केवल इजरायल की सैन्य क्षमताओं को चुनौती दे रहा है, बल्कि यह संकेत भी दे रहा है कि वह उसके परमाणु प्रतिष्ठानों के बेहद करीब तक पहुंच सकता है। नागरिक अस्पतालों और शहरी आबादी को निशाना बनाकर ईरान ने यह भी दिखाया है कि वह परंपरागत सैन्य लक्ष्यों से आगे जाकर मनोवैज्ञानिक दबाव बना सकता है।
इजरायल की प्रतिक्रिया
इजरायली प्रधानमंत्री और रक्षा अधिकारियों ने कहा है कि “सोरोका अस्पताल पर किया गया हमला सिर्फ एक मेडिकल सेंटर पर नहीं, बल्कि मानवता पर हमला है।” उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन और स्पष्ट युद्ध अपराध बताया है। इजरायल ने संकेत दिए हैं कि वह इस हमले का माकूल जवाब देगा।
