देहरादून: उत्तराखण्ड की आस्था, संस्कृति और साहस का प्रतीक 280 किलोमीटर लंबी ऐतिहासिक नंदा देवी राजजात यात्रा को लेकर तैयारियों ने जोर पकड़ लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक में निर्देश दिए कि 2026 में आयोजित होने वाली यात्रा को भव्य, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने में कोई कमी न रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यात्रा मार्ग पर दूरसंचार की मजबूत व्यवस्था के साथ-साथ डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम तैयार किया जाए ताकि प्रत्येक श्रद्धालु की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध हो सके। साथ ही यात्रियों की सुरक्षा के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया जाएगा।
मुख्य सचिव को हर माह और गढ़वाल-कुमाऊं मंडलायुक्तों को प्रत्येक सप्ताह यात्रा की तैयारियों की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं, मेडिकल कैंप, चिकित्सकों की उपलब्धता और हेली एम्बुलेंस जैसी सुविधाएं समय पर सुनिश्चित करने को कहा है। बरसात के दौरान होने वाली इस यात्रा को ध्यान में रखते हुए संक्रामक रोगों से बचाव के उपाय, स्वच्छता, और शुद्ध पेयजल व्यवस्था पर भी जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं के रुकने, भोजन, स्नानघर, शौचालय और टेंट व्यवस्था पर्याप्त और व्यवस्थित होनी चाहिए। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि आपसी समन्वय से कार्य करें और जनप्रतिनिधियों, यात्रा समिति व स्थानीय हितधारकों के सुझावों को शामिल किया जाए।
इसके अलावा, यात्रा से जुड़े लोक गीतों और लोक कथाओं का अभिलेखीकरण कराने और पर्यटन विभाग द्वारा यात्रा पड़ावों का प्रचार-प्रसार करने के भी निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि यह यात्रा सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और पर्यावरणीय दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए वन क्षेत्रों की रक्षा, यातायात प्रबंधन, पार्किंग स्थलों की व्यवस्था और सड़क निर्माण जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दिया जाए।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में 2026 की नंदा देवी राजजात और 2027 के हरिद्वार कुंभ का आयोजन दिव्यता और भव्यता की नई मिसाल बनेगा।”
नंदा राजजात यात्रा न केवल देवभूमि उत्तराखण्ड की आस्था का पर्व है, बल्कि यह राज्य के संस्कृतिक गौरव, पर्यटन और प्रशासनिक क्षमता का भी प्रतीक है — और इस बार तैयारी पहले से कहीं ज्यादा मजबूत, आधुनिक और समर्पित दृष्टिकोण के साथ हो रही है।
बैठक में राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, विधायक बंशीधर भगत, अनिल नौटियाल, भूपाल राम टम्टा, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ, गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय समेत तमाम वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।