हल्द्वानी की नव्या ने जु-जित्सू में रचा इतिहास, एशियन चैंपियनशिप में भारत को दिलाया पहला स्वर्ण

 

 

 

हल्द्वानी/देहरादून:  उत्तराखंड की बेटी नव्या पांडे ने जु-जित्सू के एशियन मंच पर भारत का परचम लहराते हुए इतिहास रच दिया है। जॉर्डन की राजधानी अम्मान में आयोजित 9वीं एशियन जु-जित्सू चैंपियनशिप में नव्या ने 45 किलोग्राम भार वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

यह जीत सिर्फ एक पदक नहीं, बल्कि भारतीय महिला जु-जित्सू इतिहास में पहला एशियन गोल्ड मेडल है, जिसे जीतने वाली नव्या भारत की पहली महिला खिलाड़ी बन गई हैं।

उत्तराखंड का नाम किया रोशन, मुख्यमंत्री ने दी बधाई

नव्या की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से फोन कर बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने नव्या से जल्द मुलाकात की भी बात कही।

मुख्यमंत्री ने कहा, “नव्या की यह जीत उत्तराखंड के हर युवा के लिए प्रेरणा है। राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है।”

खेल कोटे से मिली नौकरी बनी संबल

पिछले वर्ष नव्या को उत्तराखंड सरकार द्वारा खेल कोटे के तहत वन विभाग में नौकरी दी गई थी। नव्या ने सरकार के इस सहयोग के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि यह समर्थन उन्हें खेल में आगे बढ़ने का आत्मविश्वास देता है।

युवाओं के लिए मिसाल बनी नव्या

नव्या की यह जीत न केवल राज्य के खेल विकास की दिशा में एक मील का पत्थर है, बल्कि इससे यह भी स्पष्ट होता है कि सरकारी सहयोग और दृढ़ निश्चय मिलकर असाधारण परिणाम ला सकते हैं। उनकी यह सफलता भविष्य में उत्तराखंड के युवाओं के लिए प्रेरणा की मशाल बनेगी।नव्या पांडे की यह ऐतिहासिक उपलब्धि सिर्फ एक व्यक्तिगत विजय नहीं, बल्कि यह भारत के खेल इतिहास और महिला खिलाड़ियों के आत्मविश्वास की बड़ी छलांग है। उनकी मेहनत, प्रतिबद्धता और राज्य सरकार का सहयोग—इस त्रिकोण ने मिलकर जो स्वर्ण गाथा रची है, वह आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।

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