मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में परिवहन निगम के अन्तर्गत चालक एवं परिचालक पद के लिए 106 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किये। आपको बता दें कि इन अभ्यर्थियों को मृतक आश्रित के रूप में परिवहन विभाग में नियुक्ति दी गई है। परिवहन विभाग के अन्तर्गत चयनित 16 सहायक लेखाकारों को भी मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र प्रदान किये। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा माह के अन्तर्गत राज्य स्तरीय सड़क सुरक्षा जन-जागरूकता रैली का फ्लैग ऑफ किया। इस अभियान के तहत सभी जनपदों में सड़क सुरक्षा के प्रति जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सड़क सुरक्षा कैलेण्डर और सड़क सुरक्षा पर आधारित डाटा बुक का विमोचन भी किया। 16 महिलाओं को परिवहन विभाग द्वारा निःशुल्क ड्राइविंग प्रशिक्षण देने के बाद मुख्यमंत्री ने उन्हें ड्राइविंग लाइसेंस भी प्रदान किये।
मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने पर परिवहन निगम और परिवहन विभाग के सभी अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अपनी नौकरी की शुरूआत से ही अपने कर्तव्यों का ईमानदारी, सच्ची लगन और कड़ी मेहनत से निर्वहन करें। परिवहन सेवा को सुचारू रखने के लिए चालक और परिचालक का महत्वपूर्ण दायित्व होता है। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा में आत्म अनुशासन का होना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि नौकरी की शुरूआती चरण से ही अपनी नियमित दिनचर्या के साथ कार्य करना शुरू करेंगे, तो यही दिनचर्या आदत में शामिल हो जायेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है। इनकी सुख-सुविधाओं को और बेहतर बनाने की भी परिवहन विभाग और परिवहन निगम पर बड़ी जिम्मेदारी है। इस दशक को उत्तराखण्ड का दशक बनाने के लिए हम सबको अपने-अपने क्षेत्रों में अहम योगदान देना है, सबके सहयोग से उत्तराखण्ड को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए राज्य सरकार कृत संकल्प के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए सरकार द्वारा लगातार प्रयास किये जा रहे हैं। लोक सेवा आयोग और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से अनेक भर्ती प्रक्रियाएं गतिमान हैं। पिछले दो सालों में तेजी से भर्ती प्रक्रियाएं पूर्ण की गई हैं। सभी भर्तियां पूर्ण पारदर्शिता के साथ हों, इसके लिए राज्य में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। इस कानून के लागू होने के बाद तेजी और पूर्ण पारदर्शिता से सभी परीक्षाएं सम्पन्न हुई हैं। मुख्यमंत्री ने महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए निःशुल्क ड्राईविंग प्रशिक्षण दिलाने के लिए परिवहन विभाग के प्रयासों की सराहना भी की।
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