गैरसैंण : उत्तराखंड विधानसभा के दो दिवसीय सत्र के पहले दिन कांग्रेस ने गैरसैंण में विभिन्न जनहित के मुद्दों को लेकर विधानसभा घेराव किया। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में पहुंचे पार्टी कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं, महिला अपराध, बदहाल सड़कों, शिक्षा-स्वास्थ्य सेवाओं और अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग उठाई।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा की ओर बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने रास्ते में कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की। इसके बावजूद गणेश गोदियाल, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा, प्रदेश सहप्रभारी मनोज यादव, बदरीनाथ विधायक लखपत बुटोला समेत कई नेता और कार्यकर्ता दिवालीखाल पहुंच गए। यहां पुलिस प्रशासन के साथ उनकी तीखी झड़प हुई। इसके बाद पुलिस ने गोदियाल समेत कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को डिटेन कर लिया।
सदन के भीतर भी विपक्ष का प्रदर्शन
विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस विधायकों ने भी सरकार की कार्यप्रणाली और प्रदेश में भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर नारेबाजी की। पार्टी ने आरोप लगाया कि जनता से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए और विपक्ष को सवाल उठाने के लिए पर्याप्त अवसर मिलना जरूरी है।
मुख्यमंत्री के विभागों पर चर्चा को लेकर उठाए सवाल
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि राज्य में सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति, बेरोजगारी, भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताएं, महिला सुरक्षा और जंगली जानवरों के बढ़ते हमलों जैसे मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए।
विधानसभा सत्र की कार्यवाही पर सवाल उठाते हुए गोदियाल ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अपने विभागों से जुड़े सवालों का सामना करने से बचने के लिए सोमवार को सत्र आयोजित करने से बचते हैं। उन्होंने कहा कि सत्र की कार्यसूची और अवधि ऐसी होनी चाहिए, जिसमें मुख्यमंत्री सहित सभी विभागों से जनहित के सवालों पर जवाब मांगा जा सके।
अंकिता प्रकरण में न्याय की मांग दोहराई
गोदियाल ने कहा कि गैरसैंण उत्तराखंड की जनभावनाओं और राज्य आंदोलन के सपनों का प्रतीक है। ऐसे में विधानसभा सत्र के दौरान प्रदेश की आर्थिक चुनौतियों, सामाजिक सुरक्षा और जनता से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा होनी चाहिए।
कांग्रेस ने कहा कि वह युवाओं, महिलाओं, किसानों, कर्मचारियों और आम नागरिकों से जुड़े सवालों को विधानसभा के भीतर और बाहर उठाती रहेगी। पार्टी ने अंकिता भंडारी प्रकरण में न्याय सहित विभिन्न मुद्दों पर सरकार से जवाबदेही की मांग दोहराई।

