चमोली में भूस्खलन से दो प्रमुख हाईवे बाधित, घंटों थमी रही आवाजाही

 

 

 

गोपेश्वर: चमोली जिले में सुबह-सुबह हुए भूस्खलन ने जनजीवन की रफ्तार थाम दी। पहाड़ से गिरे मलबे ने एक नहीं, बल्कि दो अहम मार्गों को बंद कर दिया—जिससे आम लोगों के साथ-साथ सीमांत क्षेत्रों तक जाने वाली सेना की आवाजाही भी प्रभावित हुई।

बदरीनाथ मार्ग पर लंबा इंतजार

गोविंदघाट के पास पहाड़ी दरकने से बदरीनाथ जाने वाला मुख्य हाईवे कई घंटों तक बंद रहा।

  • आसपास के गांवों से निकलने वाले लोग रास्ते में ही अटक गए
  • ज्योतिर्मठ की ओर जाने वाले यात्रियों को बीच रास्ते में रुकना पड़ा
  • सड़क खुलने का इंतजार ही एकमात्र विकल्प बन गया

धीरे-धीरे राहत मिली

करीब 11 बजे छोटे वाहनों को निकलने की अनुमति मिली, जबकि दोपहर के आसपास बड़े वाहनों के लिए रास्ता साफ हो पाया।

सलधार में भी रास्ता बंद, सेना प्रभावित

इसी दौरान ज्योतिर्मठ-नीति मलारी रोड पर सलधार के पास भारी मलबा और पत्थर गिरने से सड़क पूरी तरह बंद हो गई।

  • यह मार्ग रणनीतिक रूप से अहम है, इसलिए सेना की मूवमेंट भी कुछ समय के लिए रुक गई
  • सीमांत क्षेत्रों के लोग भी फंसे रहे

सुबह 10 बजे के बाद स्थिति संभली

मशीनों की मदद से मलबा हटाया गया और फिर यातायात बहाल किया गया।

पहाड़ों में बढ़ रहा खतरा

इस तरह की घटनाएं यह संकेत दे रही हैं कि पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का जोखिम लगातार बना हुआ है। मौसम और भौगोलिक परिस्थितियों के चलते प्रशासन को हर वक्त अलर्ट रहना पड़ रहा है।

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