खटीमा : ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत करने के लिए खटीमा में 15 वाहनों को रवाना किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को इन वाहनों को हरी झंडी दिखाई। इनमें नेस्ले इंडिया की ओर से सीएसआर के तहत उपलब्ध कराए गए सात इलेक्ट्रिक कचरा कलेक्शन वाहन भी शामिल हैं।
नेस्ले इंडिया ने धर्मपुर, छत्तरपुर, बिंदूखेड़ा (फौजी मटकोटा), कीरतपुर, बागवाला, दानपुर और नगला तराई के लिए एक-एक इलेक्ट्रिक वाहन उपलब्ध कराया है। कार्यक्रम के दौरान ब्रिटानिया की ओर से स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़ी सामग्री भी उपलब्ध कराई गई।
गांवों में विकसित होगा स्वच्छता का सेल्फ-सस्टेनिंग मॉडल
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के साथ पर्यावरण संरक्षण पर सरकार का जोर है। उन्होंने कहा कि अपशिष्ट प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक संसाधनों के साथ जनभागीदारी और कॉरपोरेट सेक्टर की भागीदारी भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर विकसित किया जा रहा सेल्फ-सस्टेनिंग मॉडल कचरा संग्रहण और निस्तारण की व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में मदद करेगा।
373 ग्राम पंचायतों के लिए 71 क्लस्टरों में योजना
मुख्य विकास अधिकारी दिवेश सासनी ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशन में ऊधम सिंह नगर की 373 ग्राम पंचायतों को 71 क्लस्टरों में बांटकर ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की कार्ययोजना तैयार की गई है।
नगर निकायों से लगे ग्रामीण क्षेत्रों और प्रमुख बाजारों में नियमित कूड़ा संग्रहण व निस्तारण के लिए संबंधित नगर निकायों के साथ एमओयू भी किए गए हैं।
जिले में 231 वाहनों का बेड़ा तैयार
जिले में अपशिष्ट प्रबंधन के लिए कुल 231 वाहनों का बेड़ा तैयार किया गया है। इसमें स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत 134 ई-रिक्शा और 75 ट्रैक्टर-ट्रॉली शामिल हैं। इसके अलावा सीएसआर और अन्य योजनाओं के माध्यम से मिले वाहन भी इस व्यवस्था का हिस्सा हैं। विभिन्न विकासखंडों में जिला पंचायत की ओर से कॉम्पेक्टर का संचालन भी किया जा रहा है।
