राहुल गांधी की टिप्पणी पर निशंक का पलटवार, बोले—उत्तराखंड के स्वाभिमान का अपमान बर्दाश्त नहीं

 

 

 

देहरादून: कांग्रेस नेता राहुल गांधी की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को लेकर की गई टिप्पणी पर उत्तराखंड में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनकी टिप्पणी देवभूमि के गौरव और देश की सुरक्षा में योगदान देने वाले व्यक्तित्वों के सम्मान के खिलाफ है।

डॉ. निशंक ने कहा कि अजीत डोभाल ने दशकों तक देश की सुरक्षा और एकता के लिए काम किया है। ऐसे में उनके खिलाफ की गई टिप्पणी को केवल एक व्यक्ति तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों पर राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन सार्वजनिक संवाद में मर्यादा बनाए रखना जरूरी है।

कांग्रेस के पुराने बयानों का भी किया जिक्र

पूर्व मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर सेना और सैन्य नेतृत्व से जुड़े मुद्दों पर गैर-जिम्मेदाराना बयान देने का आरोप लगाया। उन्होंने वर्ष 2017 में तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत को लेकर की गई कथित टिप्पणी, सर्जिकल स्ट्राइक के बाद हुई राजनीतिक बयानबाजी और बालाकोट एयरस्ट्राइक पर सवाल उठाए जाने का जिक्र किया।

निशंक ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और सैन्य नेतृत्व के सम्मान से जुड़े मामलों में राजनीतिक दलों को जिम्मेदारी के साथ अपनी बात रखनी चाहिए। उनके मुताबिक, ऐसे विषयों पर की गई टिप्पणियां जनभावनाओं को प्रभावित करती हैं।

राहुल गांधी के बयान पर कांग्रेस से मांगा जवाब

डॉ. निशंक ने कांग्रेस नेतृत्व से सवाल किया कि क्या राहुल गांधी की टिप्पणी पार्टी का आधिकारिक रुख है और क्या पार्टी इस बयान का समर्थन करती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस मुद्दे पर अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही उन्होंने उत्तराखंड के उन लोगों के योगदान को सम्मान देने की बात कही, जिन्होंने देश की सुरक्षा और राष्ट्रसेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी जनता: निशंक

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा और देश के लिए योगदान देने वाले व्यक्तित्वों के सम्मान की मर्यादा का ध्यान रखा जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि उत्तराखंड की जनता अपने वीर सपूतों के सम्मान से जुड़े मुद्दों पर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी प्रतिक्रिया देगी।

नोट: यह समाचार उपलब्ध बयान के आधार पर संपादित किया गया है। राहुल गांधी की मूल टिप्पणी का संदर्भ और शब्दशः विवरण उपलब्ध न होने के कारण उसे स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं माना जाना चाहिए।

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