रुड़की: ग्रामीण विकास राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासानी चन्द्र शेखर ने बुधवार को केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर–सीबीआरआई), रुड़की में देश का पहला 3डी कंक्रीट प्रिंटेड ग्रामीण आवास का उद्घाटन किया। इसे ग्रामीण भारत की आवास यात्रा का एक ऐतिहासिक और निर्णायक क्षण बताया गया, जो पारंपरिक ज्ञान और आधुनिकतम तकनीक का संगम है।
“कच्ची दीवारों से 3डी प्रिंटिंग तक”
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. शेखर ने कहा –
“भारत ने सभी के लिए सुरक्षित, मजबूत और टिकाऊ घर उपलब्ध कराने की अटूट प्रतिबद्धता दिखाई है। ये 3डी प्रिंटेड घर केवल तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि ऐसे भविष्य का प्रतीक हैं, जहाँ आवास सस्ता, अनुकूलनशील और पर्यावरण-अनुकूल होगा।”
पीएमएवाई–ग्रामीण की उपलब्धियाँ
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण (PMAY–G) की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। अब तक:
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3.85 करोड़ मकान स्वीकृत,
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2.87 करोड़ पूरे,
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ग्रामीण परिवारों की आय में 17% की वृद्धि,
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अस्पताल जाने के मामलों में 14% की कमी,
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और 72% मकान महिलाओं के नाम पर बने हैं।
डॉ. शेखर ने कहा कि इससे महिला सशक्तिकरण और पारिवारिक कल्याण को नई गति मिली है।
सीबीआरआई के नवाचार
सीबीआरआई द्वारा अब तक:
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250 क्षेत्र-विशिष्ट आपदा-रोधी आवासीय डिज़ाइन तैयार किए गए हैं।
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गैर-क्षरणशील मिट्टी का पलस्तर,
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कम लागत वाली मजबूती तकनीकें,
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और दो-गड्ढा शौचालय प्रणाली जैसे नवाचार विकसित किए गए हैं।
इन नवाचारों से 5 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत गरिमापूर्ण जीवन मिला है।
पुस्तक विमोचन और पायलट प्रोजेक्ट
इस मौके पर केंद्रीय राज्य मंत्री ने “रुद्राक्ष – उत्तराखंड में ग्रामीण आवास” पुस्तक का भी विमोचन किया। इसमें उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर से जुड़े, टिकाऊ और जलवायु-संवेदनशील आवासीय परंपराओं का संकलन है।
भविष्य की दिशा बताते हुए डॉ. शेखर ने सीबीआरआई से 100 किफायती 3डी प्रिंटेड घरों का पायलट प्रोजेक्ट संचालित करने का आह्वान किया। उन्होंने तापीय आराम, नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण, जलवायु-रोधी डिज़ाइन और ग्रामीण मिस्त्रियों के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देने को कहा।
डॉ. शेखर ने कहा – “विकास केवल मकान बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि ऐसे घर बनाने के बारे में है जो रोशनी, गरिमा और आत्मनिर्भरता से भरे हों। सीबीआरआई की वैज्ञानिक उत्कृष्टता को विकसित भारत 2047 की दृष्टि से जोड़ते हुए हम एक मजबूत, स्वस्थ और टिकाऊ ग्रामीण भारत की नींव रख रहे हैं।”
समारोह में उपस्थिति
उद्घाटन समारोह में सीएसआईआर–सीबीआरआई के वरिष्ठ वैज्ञानिक, आईआईटी रुड़की के संकाय सदस्य, ग्रामीण विकास मंत्रालय के प्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
