TMP: उत्तराखंड की प्रतिष्ठित चारधाम यात्रा शनिवार को भारी बारिश के कारण अस्थायी रूप से रोके जाने के बाद रविवार सुबह से दोबारा शुरू कर दी गई है। प्रदेश सरकार द्वारा लगाए गए 24 घंटे के अस्थायी प्रतिबंध को हटा दिया गया है। गढ़वाल मंडलायुक्त विनय शंकर पांडेय ने बताया कि यात्रा की स्थिति का आकलन अब स्थानीय मौसम के अनुसार जिलाधिकारियों द्वारा किया जाएगा, जिससे त्वरित और उपयुक्त निर्णय संभव हो सकें।
37 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, बना नया रिकॉर्ड
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने बताया कि इस वर्ष चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड तोड़ भागीदारी देखी जा रही है। अब तक गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ, बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब में 37 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं, जो राज्य की धार्मिक पर्यटन व्यवस्था की सफलता का प्रतीक है।
बारिश के बावजूद यात्रा मार्गों की बहाली जोरों पर
भारी वर्षा के कारण कुछ मार्गों पर भूस्खलन और बाधाएं आई थीं, लेकिन PWD, BRO और SDRF की टीमें 24×7 मोड में जुटी हैं। अधिकतर मार्गों को खोलने का कार्य तेज़ी से किया जा रहा है। प्रशासन का फोकस यह सुनिश्चित करना है कि तीर्थयात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और व्यवस्थित यात्रा अनुभव मिले।
प्रशासन और आपदा टीमें पूरी तरह अलर्ट
उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली जैसे चारधाम मार्गों से जुड़े जिलों में प्रशासन सतर्क है। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल, आपदा राहत दल और हेल्पलाइन टीमें तैनात की गई हैं। ड्रोन और आधुनिक तकनीक की मदद से लगातार निगरानी की जा रही है।
श्रद्धालुओं से अपील—केवल आधिकारिक जानकारी पर करें भरोसा
प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे केवल सरकारी पोर्टल, पर्यटन विभाग या जिला प्रशासन के माध्यम से ही जानकारी प्राप्त करें और स्थानीय निर्देशों का पालन करें। किसी भी अफवाह या अनाधिकृत सूचना पर भरोसा न करें।
चारधाम यात्रा ने एक बार फिर श्रद्धा और संकल्प के बल पर गति पकड़ ली है। सरकार और प्रशासन की चुस्त व्यवस्था, निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली ने साबित कर दिया है कि उत्तराखंड श्रद्धालुओं का स्वागत हर परिस्थिति में करने के लिए तैयार है।
