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गृह मंत्री अमित शाह का बड़ा बयान: विकसित भारत का पहला पड़ाव होगा उत्तराखंड

 

 

 

देहरादून: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड को वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में अहम भूमिका निभाने वाला राज्य बताया। शुक्रवार को परेड ग्राउंड में आयोजित राज्योत्सव समारोह में उन्होंने कहा कि विकसित भारत की यात्रा का पहला पड़ाव उत्तराखंड बनने जा रहा है। इस अवसर पर उन्होंने 1475 करोड़ रुपये की 62 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली हस्तियों को सम्मानित भी किया गया।

अपने संबोधन में अमित शाह ने उत्तराखंड के गठन का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को देते हुए कहा कि उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों के सपने को साकार किया। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश के विकास को नई गति मिलने की बात कही। उन्होंने राज्योत्सव के तीन प्रमुख भाव गौरव, सिद्धि और संकल्प बताए। उनके अनुसार, गौरव राज्य निर्माण का है, सिद्धि विकास के प्रयासों की है और संकल्प प्रदेश की संस्कृति तथा पर्यावरण को सुरक्षित रखने का है।

जीएसडीपी और निवेश के आंकड़ों का किया उल्लेख

अमित शाह ने राज्य की आर्थिक प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2022 के मुकाबले उत्तराखंड की सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में 50 प्रतिशत और प्रति व्यक्ति आय में 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उन्होंने 2023 के ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में हुए 3.56 लाख करोड़ रुपये के निवेश समझौतों का उल्लेख करते हुए दावा किया कि इनमें से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है।

यूसीसी और नकल विरोधी कानून को बताया अहम कदम

केंद्रीय गृह मंत्री ने समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए उत्तराखंड की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य के इस कदम के बाद देश के 15 अन्य राज्य भी यूसीसी लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। नकल विरोधी कानून का उल्लेख करते हुए उन्होंने दावा किया कि इसके लागू होने के बाद प्रदेश में 35 हजार युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। धर्मांतरण विरोधी कानून को भी उन्होंने राज्य सरकार का महत्वपूर्ण कदम बताया।

कनेक्टिविटी और सीमांत क्षेत्रों पर जोर

शाह ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे, चारधाम ऑलवेदर रोड, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेललाइन, टनकपुर-बागेश्वर रेललाइन और केदारनाथ व हेमकुंड साहिब रोपवे जैसी परियोजनाओं को राज्य के विकास के लिए अहम बताया। सौंग, जमरानी और किसाऊ बांध परियोजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क और बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रही है। 51 सीमांत गांवों को वाइब्रेंट विलेज के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम हो रहा है।

महिलाओं, सैनिक परिवारों और युवाओं के लिए योजनाओं का जिक्र

राज्य सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए अमित शाह ने कहा कि सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत और सहकारी समितियों में 33 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। राज्य आंदोलनकारियों के लिए सरकारी सेवाओं में 10 प्रतिशत आरक्षण, तीन लाख से अधिक लखपति दीदियां और ग्रामीण क्षेत्रों में होम स्टे का विस्तार भी उन्होंने उपलब्धियों के तौर पर गिनाया। उन्होंने बताया कि शहीद सैनिकों के परिजनों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये की गई है।

धामी सरकार के कामकाज की सराहना

अपने संबोधन में अमित शाह ने पूर्व मुख्यमंत्रियों बी.सी. खंडूड़ी, भगत सिंह कोश्यारी, रमेश पोखरियाल निशंक और त्रिवेंद्र सिंह रावत के कार्यों का उल्लेख किया। साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की सराहना की।

उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास को लेकर ढिलाई बरतने का आरोप लगाया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सीमा तक बुनियादी ढांचा मजबूत किया गया है। सर्जिकल स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए उन्होंने देश की सुरक्षा के प्रति केंद्र सरकार के रुख को भी रेखांकित किया।

समारोह में सम्मान भी प्रदान किए गए

राज्योत्सव कार्यक्रम में उत्तराखंड फिल्म नीति के तहत लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार, विभिन्न हस्तियों को उत्तराखंड गौरव सम्मान और बच्चों को मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार प्रदान किए गए। कार्यक्रम के अंत में अमित शाह ने राज्य के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को शुभकामनाएं दीं।

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