देहरादून: गांवों के विकास से जुड़े फैसलों में क्षेत्र पंचायतों की भूमिका बढ़ाने के साथ उनके लिए वित्तीय सहायता का रास्ता फिर खोलने की तैयारी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने क्षेत्र पंचायतों को 25 लाख रुपये की विकास निधि दोबारा उपलब्ध कराने और पंचायत प्रतिनिधियों के मानदेय व भत्तों में बढ़ोतरी की घोषणा की है। रविवार को मुख्य सेवक सदन में उत्तराखंड प्रमुख संगठन के सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने पंचायत व्यवस्था से जुड़े कई अन्य फैसलों का भी ऐलान किया।
घोषणाओं के अनुसार, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की ब्लॉक स्तरीय समिति में क्षेत्र पंचायत प्रमुख को भी शामिल किया जाएगा। वहीं, किसी गांव को शहरी निकाय का हिस्सा बनाने से पहले संबंधित ग्राम पंचायत की राय ली जाएगी।
पंचायतों को विकास के लिए मिलेगा आर्थिक संबल
क्षेत्र पंचायतों को विकास कार्यों के लिए मिलने वाली 25 लाख रुपये की निधि पहले बंद कर दी गई थी। मुख्यमंत्री ने इसे पुनः शुरू करने की घोषणा की है। इससे क्षेत्र पंचायतों को स्थानीय स्तर पर जरूरी विकास कार्यों के लिए धन उपलब्ध हो सकेगा।
मुख्यमंत्री ने क्षेत्र पंचायत प्रमुखों, ज्येष्ठ एवं कनिष्ठ उपप्रमुखों और सदस्यों के मानदेय तथा भत्तों में वृद्धि का भी ऐलान किया। हालांकि, नई दरों और इन्हें लागू करने की समयसीमा को लेकर अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
शहरीकरण के फैसले में ग्राम पंचायत की राय
गांवों को शहरी निकायों में शामिल करने की प्रक्रिया में संबंधित ग्राम पंचायत की राय लेने की घोषणा भी महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की ब्लॉक स्तरीय समिति में क्षेत्र पंचायत प्रमुख को शामिल करने से ग्रामीण आजीविका से जुड़े निर्णयों में उनकी भागीदारी बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि स्थानीय जरूरतों और समस्याओं को अच्छी तरह समझते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सुविधाओं के विस्तार में उनकी भूमिका अहम है। सरकार जनप्रतिनिधियों के सुझावों और मांगों पर संबंधित विभागों के साथ विचार-विमर्श कर रही है।
वर्तमान मानदेय की स्थिति
प्रदेश में पंचायत प्रतिनिधियों को फिलहाल मिलने वाला मासिक मानदेय इस प्रकार है:
|
पद |
वर्तमान मानदेय |
|---|---|
|
क्षेत्र पंचायत प्रमुख |
₹6,000 |
|
ज्येष्ठ एवं कनिष्ठ उपप्रमुख |
₹1,500 |
|
क्षेत्र पंचायत सदस्य |
₹500 |
|
ग्राम प्रधान |
₹3,500 |
|
उपप्रधान |
₹500 |
|
जिला पंचायत अध्यक्ष |
₹10,000 |
|
जिला पंचायत उपाध्यक्ष |
₹5,000 |
गौरतलब है कि वर्ष 2021 में ग्राम प्रधानों के मानदेय में बढ़ोतरी कर इसे 1,500 रुपये प्रतिमाह किया गया था। क्षेत्र और जिला पंचायतों के प्रतिनिधि भी लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे थे। प्रदेश में 13 जिला पंचायतें, 95 क्षेत्र पंचायतें और 7,813 ग्राम पंचायतें हैं।

