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उत्तराखंड कांग्रेस का हाथ छोड़ सकते हैं 10 विधायक

उत्तराखंड कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष के फेरबदल के बाद कांग्रेस के कुछ विधायक नाराज होकर कांग्रेस का हाथ छोड़कर जा सकते हैं।
कांग्रेस आलाकमान ने 10 अप्रैल 2022 को उत्तराखंड कांग्रेस ने अध्यक्ष की जिम्मेदारी करन माहरा और नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी यशपाल आर्य को सौंपी थी। कांग्रेस अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष की घोषणा के बाद से उत्तराखंड कांग्रेस गुटों में विभाजित हो गया है। जिसके चलते 10 विधायक गोपनीय स्थान पर बैठक करने जा रहे हैं।सूत्रों की माने तो विधायकों की नाराजगी ये है कि कांग्रेस आलाकमान ने उत्तराखंड संगठन में बड़ा फेरबदल किया है। जिसमे प्रदेश अध्यक्ष की कमान रानीखेत के करन माहरा को दी गयी है। वहीं नेता प्रतिपक्ष की कमान पूर्व कैबिनेट मंत्री और बाजपुर विधायक यशपाल आर्य को सौंपी है। इसके साथ ही खटीमा विधायक और सीएम पुष्कर सिंह धामी को हराने वाले भुवन कापड़ी को उपनेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी दी है। दरअसल कांग्रेस संगठन में इस फेरबदल के बाद बड़ी हलचल है। कांग्रेस गुटों में बैठ गयी है जिसकी वजह है की करन माहरा, यशपाल आर्य और भुवन कापड़ी जोकि कुमाऊँ से हैं। कांग्रेस से नाराज चल रहे लोगों का कहना है कि हाईकमान ने गढ़वाल की उपेक्षा की है। यदि प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी अगर कुमाऊँ से दी गयी है तो नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी गढ़वाल से दी जानी चाहिए थी। नाराज लोगों का कहना है कि यशपाल आर्य 2017 में पार्टी छोड़कर बीजेपी में चले गए थे और फिर कांग्रेस में लौटने के बाद उन्हें नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी देना कहीं न कहीं पार्टी कार्यकर्ताओं और विधायकों के साथ अन्याय है। सूत्रों की माने तो नाराज चल रहे 10 विधायक कोई बड़ा कदम उठा सकते हैं या विधायक विधायिका से भी इस्तीफा दे सकते हैं। हालांकि ऐसा अभी तक तय नही है विधायक इस्तीफा देंगे या अन्य तरीके से अपनी नाराजगी दिखाएंगे। लेकिन ये पक्की खबर है । बुधवार को 10 विधायक और पार्टी के कुछ लोग गोपनीय जगह पर बैठक करने जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक 10 विधायकों में ममता राकेश, हरीश धामी, मनोज तिवारी, मदन बिष्ट, मयूर महर, खुशाल सिंह अधिकारी, विक्रम नेगी और राजेंद्र भंडारी बैठक में शामिल हो सकते हैं। जोकि कांग्रेस की उपेक्षा से नाराज़ हैं।

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