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रूस को तेल कंपनी बेचने वाला एस्सार अब अमेरिका में लगाएगा ₹150 हजार करोड़ का स्टील प्लांट

 

 

 

ट्रंप ने व्हाइट हाउस में किया ऐलान, आयोवा में 15 अरब डॉलर से बनेगा स्टील कॉम्प्लेक्स; मिनेसोटा की खदान से जुड़ेगा पूरा प्रोजेक्ट

नई दिल्ली: कभी भारी कर्ज के दबाव में अपनी ऑयल कंपनी रूस से जुड़ी कंपनियों को बेचने वाला भारतीय एस्सार ग्रुप अब अमेरिका में अपने सबसे बड़े औद्योगिक निवेश की तैयारी कर रहा है। एस्सार की कंपनी Mesabi Metallics अमेरिका में कुल करीब 18 अरब डॉलर का निवेश करेगी। इसमें करीब 15 अरब डॉलर आयोवा में नए स्टील कॉम्प्लेक्स और लगभग 3 अरब डॉलर मिनेसोटा में आयरन-ओर माइन और पैलेट प्लांट को पूरा करने पर खर्च होंगे।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में इस प्रोजेक्ट का ऐलान किया। ट्रंप ने आयोवा में बनने वाले संयंत्र को अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा स्टील प्लांट बताया। प्रोजेक्ट में मिनेसोटा से लौह अयस्क लेकर आयोवा में स्टील तैयार करने की पूरी सप्लाई चेन विकसित करने की योजना है।

कर्ज के दौर से अमेरिका के मेगा स्टील प्रोजेक्ट तक

एस्सार ग्रुप की कहानी में यह निवेश इसलिए भी खास है क्योंकि करीब एक दशक पहले कंपनी का एक बड़ा कारोबार कर्ज कम करने के लिए बेचना पड़ा था।

2017 में एस्सार ने अपनी ऑयल कंपनी एस्सार ऑयल में अपनी हिस्सेदारी रूस की सरकारी कंपनी रोसनेफ्ट और उसके सहयोगियों को बेच दी थी। इसके बाद एस्सार ऑयल का नाम बदलकर नायरा एनर्जी हो गया। यही कंपनी बाद में रूस से जुड़ी होने के कारण पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के दायरे में भी आई। अब उसी कारोबारी समूह की अमेरिकी इकाई एक बिल्कुल अलग क्षेत्र—स्टील और आयरन—में बड़ा निवेश करने जा रही है।

आयोवा में 15 अरब डॉलर का स्टील कॉम्प्लेक्स

Mesabi Metallics के मुताबिक कुल 18 अरब डॉलर के निवेश में 15 अरब डॉलर आयोवा के स्टील कॉम्प्लेक्स पर लगाए जाएंगे। इसके अलावा लगभग 3 अरब डॉलर मिनेसोटा में कंपनी की आयरन-ओर माइन और पैलेट प्लांट को पूरा करने में खर्च होंगे।

योजना के मुताबिक आयोवा प्लांट के पहले चरण में करीब 75 लाख टन स्टील सालाना उत्पादन होगा। आगे इसकी क्षमता करीब 1 करोड़ टन सालाना तक बढ़ाई जा सकती है।

कंपनी इसे पूरी तरह एकीकृत अमेरिकी स्टील सप्लाई चेन के रूप में विकसित करना चाहती है—लौह अयस्क मिनेसोटा में निकलेगा और आयोवा में उसे स्टील में बदला जाएगा।

8 हजार से ज्यादा रोजगार का दावा

प्रोजेक्ट से निर्माण के दौरान 6 हजार से ज्यादा नौकरियां पैदा होने की उम्मीद जताई गई है। प्लांट के संचालन के बाद करीब 1,750 स्थायी नौकरियां होने का अनुमान है। कंपनी के मुताबिक निर्माण और संचालन के शुरुआती 10 वर्षों में प्रोजेक्ट से करीब 95 अरब डॉलर का आर्थिक उत्पादन हो सकता है।

Mesabi Metallics के मुताबिक मिनेसोटा की आयरन-ओर परियोजना पूरी तरह शुरू होने पर करीब 75 लाख टन आयरन ओर सालाना उत्पादन की क्षमता विकसित होगी।

इस तरह कंपनी एक ऐसी सप्लाई चेन तैयार करने की कोशिश कर रही है जिसमें कच्चे माल से लेकर तैयार स्टील तक उत्पादन अमेरिका में ही हो।

ट्रंप के सामने रवि और रेवंत रुइया

व्हाइट हाउस में घोषणा के दौरान एस्सार ग्रुप के को-फाउंडर और वाइस चेयरमैन रवि रुइया तथा उनके बेटे और Mesabi Metallics के चेयरमैन रेवंत रुइया मौजूद थे।

ट्रंप ने घोषणा के दौरान कहा कि Mesabi Metallics आयोवा में अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा स्टील प्लांट बनाएगी। व्हाइट हाउस ने भी इसे अमेरिका के बड़े औद्योगिक निवेशों में शामिल किया है।

रेवंत रुइया बोले- मेरे लिए घर वापसी जैसा

रेवंत रुइया ने इस निवेश को अपने लिए व्यक्तिगत रूप से भी खास बताया। उन्होंने कहा कि उनका जन्म भारत में हुआ, लेकिन उन्होंने न्यूयॉर्क में हाई स्कूल, बोस्टन में कॉलेज और कैलिफोर्निया में एमबीए किया। उनके मुताबिक जीवन का बड़ा हिस्सा अमेरिका में बिताने के कारण इस निवेश की घोषणा उनके लिए ‘घर वापसी’ जैसी है।

उन्होंने अमेरिकी स्टील इंडस्ट्री के लिए इस परियोजना को महत्वपूर्ण कदम बताते हुए मिनेसोटा के लौह अयस्क संसाधनों को आयोवा के स्टील उत्पादन से जोड़ने की बात कही।

भारत-अमेरिका कारोबारी रिश्ते में भी बड़ा निवेश

एस्सार का यह प्रोजेक्ट सिर्फ एक स्टील प्लांट तक सीमित नहीं है। कंपनी इसे माइन से मिल तक एकीकृत अमेरिकी स्टील कारोबार के रूप में विकसित कर रही है।

Mesabi Metallics के मुताबिक इसका उद्देश्य अमेरिका में घरेलू स्टील उत्पादन क्षमता बढ़ाना और आयात पर निर्भरता कम करने वाली सप्लाई चेन तैयार करना है। कंपनी के अनुसार उत्पादित स्टील का इस्तेमाल ऑटोमोबाइल, डिफेंस, शिपबिल्डिंग, इलेक्ट्रिक व्हीकल, पुल, ऊर्जा और अन्य बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में किया जा सकता है।

इस निवेश की एक और दिलचस्प कड़ी यह है कि एस्सार ग्रुप कुछ साल पहले कर्ज के दबाव में अपने ऑयल कारोबार से बाहर निकला था। अब वही समूह अमेरिका में स्टील सेक्टर में अरबों डॉलर का नया औद्योगिक दांव लगा रहा है।

यानी एस्सार की कहानी सिर्फ एक कंपनी के विस्तार की नहीं, बल्कि कारोबार के एक बड़े बदलाव की कहानी भी है—ऑयल से स्टील तक और कर्ज के दौर से अमेरिका के मेगा इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट तक।

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