हरिद्वार: कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज के जन्मदिवस समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान, आध्यात्मिक विरासत और विकास से जुड़े सरकार के प्रयासों को सामने रखा। सोमवार को ऋषिकुल मैदान में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने सतपाल महाराज को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं और उनके सामाजिक व आध्यात्मिक योगदान की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में किए जा रहे कार्यों का लाभ उत्तराखंड को भी मिल रहा है। केदारनाथ-बदरीनाथ पुनर्निर्माण, चारधाम यात्रा सुविधाओं, केदारखंड-मानसखंड परियोजनाओं और नई पीढ़ी को परंपराओं से जोड़ने के प्रयासों का उन्होंने उल्लेख किया।
कुंभ 2027 को लेकर तैयारियां तेज
धामी ने कहा कि आगामी हरिद्वार कुंभ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आध्यात्मिक परंपरा और सामाजिक समरसता का बड़ा पर्व होगा। सरकार श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तैयारियों में जुटी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि साधु-संतों के मार्गदर्शन और जनसहयोग से कुंभ देश-दुनिया के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा।
सांस्कृतिक पहचान और कानून व्यवस्था पर सरकार का रुख
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं की रक्षा को सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया। उन्होंने समान नागरिक संहिता, धर्मांतरण विरोधी कानून और दंगारोधी कानून का जिक्र करते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द से समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि राज्य की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए विकास को आगे बढ़ाना सरकार का संकल्प है। धार्मिक आस्था और सनातन परंपराओं को बदनाम करने के प्रयासों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की बात भी उन्होंने कही।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड को वैश्विक धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया।

