औली: भारत और अमेरिका की सेनाओं ने संयुक्त युद्ध अभ्यास-2026 के दौरान गुरुवार को आतंकवाद विरोधी अभियानों की जमीनी तैयारियों का प्रदर्शन किया। औली में आयोजित बिल्डिंग क्लियरेंस और रूम इंटरवेंशन ड्रिल के जरिए जवानों ने इमारत के भीतर संभावित खतरे से निपटने और अलग-अलग कमरों को सुरक्षित करने का अभ्यास किया।
इस अभ्यास में पारंपरिक सैन्य कार्रवाई के साथ आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल भी देखने को मिला। निगरानी के लिए ड्रोन, जोखिम वाले स्थानों की जांच के लिए रोबोटिक डॉग और सुरक्षा व्यवस्था में स्नाइपर तथा प्रशिक्षित डॉग स्क्वाड को शामिल किया गया। ड्रिल का उद्देश्य विभिन्न टीमों और तकनीकी संसाधनों के बीच बेहतर समन्वय विकसित करना रहा।
तकनीक और सैनिकों के तालमेल पर जोर
अभ्यास के दौरान अमेरिकी सैनिकों ने भारतीय जवानों के साथ अनुभव साझा किए और इस्तेमाल किए जा रहे उपकरणों की कार्यक्षमता को करीब से समझा। कार्रवाई में निगरानी, प्रवेश, तलाशी और सुरक्षा से जुड़ी भूमिकाओं को एक साथ जोड़कर संयुक्त अभियान की क्षमता परखी गई।
15 सितंबर से जारी है संयुक्त युद्ध अभ्यास
भारत-अमेरिका युद्ध अभ्यास का 22वां संस्करण 15 सितंबर से चल रहा है। इसमें दोनों देशों के लगभग 600-600 सैन्यकर्मी भाग ले रहे हैं। औली के अलावा राजस्थान की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में भी अभ्यास किया जा रहा है। पर्वतीय क्षेत्रों में पैदल सेना के अभियानों और आतंकवाद विरोधी कार्रवाई में आधुनिक संसाधनों के इस्तेमाल पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
