देहरादून: मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में नीति आयोग के सदस्यों प्रो. एम. श्रीनिवास और प्रो. के.वी. राजू के साथ शासन के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में उत्तराखंड के विकास की संभावनाओं, रोजगार सृजन, नवाचार और राज्य की प्रमुख चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा हुई।
मुख्य सचिव ने कहा कि हॉर्टिकल्चर, फ्लोरिकल्चर, फिशरीज और हनी प्रोडक्शन जैसे क्षेत्रों में राज्य के पास बड़ी संभावनाएं हैं। हाई डेंसिटी एप्पल फार्मिंग, कीवी और ड्रैगन फ्रूट को बढ़ावा देने के साथ आधुनिक तकनीक, बेहतर मार्केट लिंकेज और वैल्यू एडिशन के जरिए किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने नीति आयोग से योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिक परिणाम आधारित पीपीआर फॉर्मैट साझा करने का अनुरोध किया।
नीति आयोग के सदस्य प्रो. एम. श्रीनिवास ने आभा आईडी की पहुंच बढ़ाने पर जोर देते हुए कहा कि डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड मजबूत होने से लोगों को बेहतर और निरंतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
वहीं प्रो. के.वी. राजू ने स्थानीय मानव संसाधन को कौशलयुक्त बनाने की जरूरत बताई। उन्होंने ऑनलाइन ऐप और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए स्थानीय श्रमिकों को प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ने की प्रभावी व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया।
बैठक में एरोमा सेक्टर, बाजार आधारित उत्पादन, ग्रेडिंग और ट्रेसेबिलिटी को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा मानव-वन्यजीव संघर्ष, बंदरों व जंगली सूअरों से फसलों को नुकसान और वनाग्नि जैसी चुनौतियों के समाधान के लिए वैज्ञानिक एवं तकनीकी उपाय विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
मुख्य सचिव ने कहा कि नीति आयोग के सुझावों का अध्ययन कर उन्हें राज्य की नीतियों और आगामी कार्ययोजनाओं में शामिल किया जाएगा।

