देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक में जनहित और विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। बैठक के बाद महानिदेशक सूचना एवं अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी ने मीडिया को निर्णयों की जानकारी दी। कैबिनेट ने पशुपालन, श्रमिक कल्याण, शिक्षा, पर्यटन, न्यायिक ढांचे, पेयजल, खेल और औद्योगिक विकास से जुड़े कई प्रस्तावों को मंजूरी दी।
कैबिनेट के प्रमुख निर्णय
▶ सामान्य वर्ग के पशुपालकों को भी मिलेगा अनुदान
राज्य सेक्टर की गौपालन योजना का दायरा बढ़ाते हुए अब सामान्य वर्ग के पशुपालकों को भी इसमें शामिल किया गया है। लाभार्थी गाय के साथ भैंस भी खरीद सकेंगे। पशु की यूनिट लागत 40 हजार रुपये से बढ़ाकर 60 हजार रुपये कर दी गई है। अनुसूचित जाति और जनजाति को 90 प्रतिशत तथा सामान्य वर्ग को 60 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलेगी।
▶ मजदूरी संहिता नियमावली-2026 लागू
कैबिनेट ने उत्तराखंड मजदूरी संहिता नियमावली-2026 को मंजूरी दी। इसके तहत न्यूनतम मजदूरी, ओवरटाइम का दोगुना भुगतान, हर महीने की सात तारीख तक वेतन, डिजिटल भुगतान और समान कार्य के लिए समान वेतन जैसे प्रावधान लागू होंगे।
▶ छात्रावासों के लिए नई नियमावली
अनुसूचित जाति एवं जनजाति के छात्रावासों के संचालन के लिए नई नियमावली लागू होगी, जिससे छात्रों को बेहतर आवास, भोजन और शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
▶ ईको टूरिज्म को बढ़ावा
ईको टूरिज्म से जुड़ी उच्चाधिकार प्राप्त समिति का पुनर्गठन किया गया है। इसमें वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल कर पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय सहभागिता को मजबूत किया जाएगा।
▶ जीएसटी कानून में संशोधन
केंद्र सरकार के संशोधनों के अनुरूप उत्तराखंड जीएसटी अधिनियम में बदलाव के लिए अध्यादेश लाने को मंजूरी दी गई।
▶ हल्द्वानी हाईकोर्ट परिसर के लिए भूमि
हल्द्वानी के लामाचौड़ क्षेत्र में लगभग 40 हेक्टेयर भूमि उच्च न्यायालय परिसर के निर्माण के लिए हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया।
▶ राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय को मिले 122 पद
गौलापार स्थित उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के संचालन के लिए 122 नियमित पदों के सृजन को मंजूरी दी गई। जरूरत के अनुसार आउटसोर्स कर्मियों की भी नियुक्ति होगी।
▶ सहकारी नियमों में बदलाव
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप सहकारी समिति नियमावली से कुष्ठ रोग से जुड़े भेदभावपूर्ण प्रावधान हटाए जाएंगे।
▶ जल जीवन मिशन के लिए नया प्रोटोकॉल
ग्रामीण पेयजल योजनाओं के ग्राम पंचायतों और जल एवं स्वच्छता समितियों को हस्तांतरण के लिए केंद्र सरकार के नए प्रोटोकॉल को लागू किया जाएगा।
▶ वन विकास निगम भर्ती में पारदर्शिता
स्केलर पदों पर भर्ती के लिए अब 100 अंकों की लिखित परीक्षा अनिवार्य होगी, जिससे चयन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।
▶ हरिद्वार तक पहुंचेगा गंगा एक्सप्रेसवे
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ से हरिद्वार तक विस्तारित करने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) को मंजूरी दी गई। इससे धार्मिक पर्यटन, व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
▶ औद्योगिक संबंध नियमावली-2026 लागू
नई नियमावली में औद्योगिक विवादों के त्वरित समाधान, ट्रेड यूनियनों की मान्यता, शिकायत निवारण समितियां, हड़ताल-तालाबंदी की स्पष्ट प्रक्रिया और श्रमिकों के री-स्किलिंग फंड जैसे प्रावधान शामिल किए गए हैं।
सरकार का कहना है कि इन फैसलों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, पशुपालकों और श्रमिकों को राहत मिलेगी, शिक्षा एवं खेल ढांचे का विस्तार होगा, न्यायिक और औद्योगिक आधारभूत संरचना मजबूत होगी तथा पर्यटन और निवेश को नई गति मिलेगी।
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