अमेरिका-ईरान तनाव और बढ़ा, तेहरान ने अमेरिका के साथ MoU किया रद्द

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नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर गहरा गया है। ईरान ने अमेरिका के साथ हुए हालिया समझौता ज्ञापन (MoU) को रद्द करने की घोषणा करते हुए आरोप लगाया है कि वॉशिंगटन ने समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन नहीं किया।

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार, कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप-विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही थी, लेकिन अमेरिका ने आक्रामक कदम उठाकर समझौते का उल्लंघन किया। उन्होंने कहा कि ईरान ने भी अब इस समझौते के तहत अपनी सभी प्रतिबद्धताओं को स्थगित कर दिया है।

गरीबाबादी ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में ईरान की प्राथमिकता अपने देश की रक्षा करना और हमलावरों को जवाब देना है। उनके अनुसार, अमेरिका ने अपने वादों का पालन नहीं किया, इसलिए समझौते को आगे बढ़ाने का कोई औचित्य नहीं रह गया है।

ईरानी सैन्य कमांड की कड़ी चेतावनी

इस बीच ईरान के प्रमुख सैन्य कमांड ‘खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर’ ने भी अमेरिका को चेतावनी दी है। प्रवक्ता इब्राहिम जोलफ़गारी ने कहा कि यदि ईरान के बिजली संयंत्रों, पुलों या अन्य महत्वपूर्ण ढांचों पर हमले जारी रहे तो ईरान पूरे पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी हितों और बुनियादी ढांचे के खिलाफ व्यापक जवाबी कार्रवाई करेगा।

उन्होंने दावा किया कि ईरानी सेना का अगला जवाब पहले से अधिक कठोर और व्यापक होगा।

हमलों के बीच बढ़ा तनाव

रिपोर्टों के अनुसार, हाल के दिनों में अमेरिकी सेना ने ईरान के दक्षिणी इलाकों में कई सैन्य अभियान चलाए हैं। बंदर अब्बास और चाबहार जैसे रणनीतिक बंदरगाहों सहित कई ठिकानों को निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आई हैं। साथ ही अमेरिका ने ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए नाकेबंदी की भी घोषणा की है।

बताया जा रहा है कि अमेरिकी कार्रवाई का फोकस ईरान की निगरानी प्रणालियों, सैन्य लॉजिस्टिक्स, भूमिगत हथियार भंडारण केंद्रों और अन्य रणनीतिक ढांचों पर है। दूसरी ओर, ईरान ने संकेत दिए हैं कि यदि हमले जारी रहे तो क्षेत्रीय स्तर पर संघर्ष और व्यापक हो सकता है।

 
 
 
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