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केदारनाथ VIP खर्च मामले में वित्तीय अनियमितता की पुष्टि, शासन ने कार्रवाई के दिए निर्देश

 

 

 

देहरादून: केदारनाथ धाम में वीआईपी मेहमानों के आवास और भोजन पर मंदिर समिति के कोष से खर्च किए जाने के विवाद में बड़ी कार्रवाई की तैयारी है। बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) की जांच रिपोर्ट में वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद उत्तराखंड शासन ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि समिति की चार सदस्यीय जांच पूरी हो चुकी है और इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। रिपोर्ट में केदारनाथ धाम में कुछ विशिष्ट अतिथियों के आवास और भोजन संबंधी बिलों के भुगतान में वित्तीय नियमों के उल्लंघन की पुष्टि हुई है।

RTI से सामने आया था मामला

यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब सूचना के अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त दस्तावेजों में आरोप लगाया गया कि कुछ वीआईपी मेहमानों के आवास और भोजन का खर्च मंदिर समिति के खाते से वहन किया गया। दस्तावेजों में भाजपा प्रदेश सचिव नेहा जोशी के नाम पर करीब 60 हजार रुपये और केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल के नाम पर 37 हजार रुपये से अधिक खर्च होने का उल्लेख था।

हालांकि, दोनों नेताओं ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा था कि उन्होंने अपने निजी खर्च का भुगतान स्वयं किया था।

जांच में क्या मिला?

बीकेटीसी की जांच समिति ने भुगतान से जुड़े अभिलेखों और वित्तीय दस्तावेजों की समीक्षा की। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ मामलों में विशिष्ट अतिथियों के आवास और भोजन का भुगतान मंदिर समिति के माध्यम से किया गया तथा भुगतान प्रक्रिया में निर्धारित वित्तीय नियमों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया।

शासन ने मानी प्रथम दृष्टया वित्तीय अनियमितता

पर्यटन एवं धर्मस्व विभाग के उप सचिव अनिल कुमार पांडे द्वारा 25 जून 2026 को जारी पत्र में कहा गया है कि मंदिर कोष से अग्रिम धनराशि बिना सक्षम स्वीकृति जारी किया जाना प्रथम दृष्टया वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है। पत्र में तत्कालीन व्यवस्थापक केदारनाथ, तत्कालीन मुख्य प्रभारी अधिकारी तथा तत्कालीन मुख्य कार्याधिकारी की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं।

शासन ने बीकेटीसी अधिनियम-1939 और संबंधित नियमावलियों के तहत जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

दान राशि के उपयोग पर उठे सवाल

मामले के सामने आने के बाद मंदिरों में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई जाने वाली दान राशि के उपयोग को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। विपक्ष ने इसे श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए पारदर्शी जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भी पूरे मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। वहीं, बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी ताकि भविष्य में मंदिर कोष के उपयोग में किसी प्रकार की अनियमितता न हो।

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