सीएसआर से बदलेगा उत्तराखंड का भविष्य, मुख्यमंत्री धामी ने उद्योग जगत से मांगा विकास में सहयोग

 

 

 

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उद्योग जगत से उत्तराखंड के समग्र विकास में कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के माध्यम से अधिक सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित ‘उत्तराखंड सीएसआर डायलॉग’ कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि देवभूमि में किया गया हर सामाजिक योगदान केवल निवेश नहीं, बल्कि समाज और मानवता की सेवा है।

मुख्यमंत्री ने कॉर्पोरेट समूहों, केंद्रीय उपक्रमों, सीएसआर साझेदारों और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि उत्तराखंड में कार्यरत उद्योगों को अपने सीएसआर फंड का अधिकतम उपयोग राज्य के विकास कार्यों में करना चाहिए। उन्होंने कहा कि देवभूमि में जन्म लेना हर किसी के हाथ में नहीं होता, लेकिन यहां विकास कार्यों में योगदान देकर हर व्यक्ति और संस्था अपनी जिम्मेदारी निभा सकती है।

उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल औपचारिक संवाद नहीं, बल्कि राज्य के अंतिम छोर पर रहने वाले व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने का साझा प्रयास है। कार्यक्रम के दौरान कौशल विकास, सड़क सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण, ग्राम विकास और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में विभिन्न कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए, जबकि कई प्रतिष्ठित कॉर्पोरेट समूहों ने उत्तराखंड के लिए नई परियोजनाओं की भी घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक और पारिस्थितिक परिस्थितियां अन्य राज्यों से अलग हैं। पर्वतीय और सीमांत राज्य होने के कारण यहां विकास की चुनौतियां अधिक हैं। ऐसे में विकास का मॉडल ऐसा होना चाहिए जो पर्यावरण संरक्षण, रोजगार सृजन और सामाजिक प्रगति के बीच संतुलन स्थापित करे।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए लगातार काम कर रही है। वर्ष 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में राज्य को 3.56 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे, जिनमें से एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में व्यापार को आसान बनाने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया गया है। साथ ही औद्योगिक, लॉजिस्टिक, स्टार्टअप और एमएसएमई सहित 30 से अधिक नीतियां लागू कर निवेशकों को बेहतर माहौल उपलब्ध कराया गया है। स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए 200 करोड़ रुपये का वेंचर फंड और इनक्यूबेशन सेंटर भी स्थापित किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार की पारदर्शी नीतियों और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का लाभ उद्योगों को सीधे तौर पर मिल रहा है। पिछले वर्षों में 200 से अधिक भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जिससे निवेशकों का विश्वास मजबूत हुआ है।

मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि उद्योग जगत की विशेषज्ञता और राज्य सरकार की पारदर्शी नीतियों के समन्वय से उत्तराखंड को देश के अग्रणी इन्वेस्टमेंट फ्रेंडली और सस्टेनेबल डेवलपमेंट मॉडल के रूप में स्थापित किया जा सकेगा।

 
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