देहरादून: भारतीय वन सेवा (आईएफएस) के 1991 बैच के आंध्र प्रदेश कैडर के वरिष्ठ अधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद खजूरिया ने गुरुवार को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी (आईजीएनएफए), देहरादून के नए निदेशक के रूप में कार्यभार संभाल लिया। उन्होंने श्रीमती भारती का स्थान लिया है, जो 30 जून को सेवानिवृत्त हुई थीं।
आईजीएनएफए के निदेशक का दायित्व संभालने से पहले डॉ. खजूरिया आंध्र प्रदेश पर्यावरण प्रबंधन निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक के पद पर कार्यरत थे।
मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के निवासी डॉ. राजेंद्र प्रसाद खजूरिया वन प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और नीति निर्माण के क्षेत्र के जाने-माने विशेषज्ञ हैं। उनके पास 35 वर्षों से अधिक का प्रशासनिक एवं तकनीकी अनुभव है। उन्होंने कनाडा की टोरंटो यूनिवर्सिटी से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिकाओं में अनेक शोध पत्र प्रकाशित किए हैं।
अकादमी के नए निदेशक के रूप में कार्यभार संभालने के बाद डॉ. खजूरिया ने संकाय सदस्यों और कर्मचारियों के साथ बैठक कर संस्थान में संचालित विभिन्न प्रशिक्षण एवं शैक्षणिक गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने भारतीय वन सेवा के प्रशिक्षण को ‘अमृत काल’ के उद्देश्यों के अनुरूप और अधिक आधुनिक, प्रभावी तथा भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने की अपनी प्रतिबद्धता भी व्यक्त की।
डॉ. खजूरिया के नेतृत्व में आईजीएनएफए में वन प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण और क्षमता निर्माण से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रमों को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

