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उत्तराखंड में विकास परियोजनाओं को मिली रफ्तार, व्यय वित्त समिति ने करोड़ों रुपये के अहम प्रस्तावों को दी मंजूरी

 

 

 

देहरादून: मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सोमवार को सचिवालय में आयोजित व्यय वित्त समिति (EFC) की बैठक में राज्य की स्वास्थ्य, परिवहन, ऊर्जा और पेयजल से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में करोड़ों रुपये की विभिन्न विकास योजनाओं को हरी झंडी देते हुए उनके समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर दिया गया।

बैठक में राजकीय मेडिकल कॉलेज हरिद्वार की संशोधित परियोजना लागत को मंजूरी दी गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मेडिकल कॉलेज को शीघ्र पूर्ण रूप से संचालित किया जाए। इसके लिए आवश्यक फैकल्टी की जल्द भर्ती सुनिश्चित करने के साथ-साथ मेडिकल कॉलेज के नियमित रखरखाव के लिए भी पर्याप्त वित्तीय प्रावधान किए जाएं।

व्यय वित्त समिति ने हल्द्वानी में लगभग 35.69 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले नए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) भवन के निर्माण को भी स्वीकृति प्रदान की। मुख्य सचिव ने पहले स्वीकृत प्रस्ताव को निरस्त करते हुए इसे नए प्रोजेक्ट के रूप में शुरू करने के निर्देश दिए, ताकि आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप भवन का निर्माण किया जा सके।

बैठक में उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूरेडा) के ऊर्जा पार्क परिसर में लगभग 16.13 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली सुपर ईसीबीसी (Energy Conservation Building Code) कार्यालय भवन परियोजना को भी मंजूरी दी गई। यह भवन ऊर्जा दक्षता के आधुनिक मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा।

इसके अलावा, देहरादून की महत्वपूर्ण सहस्रधारा रोड पेयजल योजना को भी स्वीकृति दी गई। लगभग 113.16 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के माध्यम से क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा, जिससे हजारों लोगों को बेहतर जलापूर्ति का लाभ मिलेगा।

मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि स्वीकृत परियोजनाओं का कार्य समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी ढंग से पूरा किया जाए, ताकि आम जनता को इन विकास कार्यों का लाभ जल्द से जल्द मिल सके।

बैठक में प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव बृजेश कुमार संत, सचिव श्रीधर बाबू अड्डांकी सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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