कर्णप्रयाग क्षेत्र के जंगल धधके, धुएं और वन्यजीवों के खतरे से बढ़ी लोगों की चिंता
The Mountain People
Karnaprayag :चमोली जिले के कर्णप्रयाग तहसील क्षेत्र में जंगलों में आग लगने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। रविवार को सिमली-नारायणबगड़ मोटर मार्ग से लगे सिविल और वन क्षेत्रों में लगी आग को बुझाने के लिए वन विभाग और ग्रामीणों को घंटों मशक्कत करनी पड़ी। वहीं सोमवार को नगर क्षेत्र से सटे Nagnath Range के जंगल भी आग की चपेट में रहे।
बीते एक सप्ताह से कर्णप्रयाग, सिमली, पोखरी, गैरसैंण और पिंडरघाटी क्षेत्रों के जंगलों में लगातार आग लगने से वातावरण में धुआं फैल गया है। इससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत, एलर्जी और आंखों में जलन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उपजिला चिकित्सालय कर्णप्रयाग में ऐसे मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
जंगलों में आग के बाद नगर क्षेत्र में कीटों का प्रकोप भी बढ़ गया है। व्यापारियों ने नगर पालिका से कीटनाशकों का छिड़काव कराने और लंबे समय से जाम पड़ी नालियों की सफाई की मांग उठाई है।
वन क्षेत्रों में आग फैलने से वन्यजीव भी अब आबादी की ओर रुख करने लगे हैं। Dhanpur Range, नागनाथ और नंदप्रयाग रेंज से लगे क्षेत्रों में गुलदार, बंदर और लंगूरों की गतिविधियां बढ़ने से स्थानीय लोग दहशत में हैं। हाल ही में पंचपुलिया क्षेत्र में गुलदार देखे जाने की घटना के बाद लोगों में भय और बढ़ गया है।
वन क्षेत्राधिकारी Naval Kishore ने बताया कि जंगलों में आग लगने के कारण वन्यजीव सुरक्षित स्थानों की तलाश में आबादी की ओर आ रहे हैं। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत वन विभाग को देने की अपील की।
इधर रविवार रात चूलाकोट, मठोली, बागवान, रिखनौ और गंगानगर के जंगलों में लगी आग आवासीय क्षेत्रों तक पहुंच गई, जिससे ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। ग्राम प्रधान Bharat Kumar ने बताया कि आग तेजी से गांव की ओर बढ़ने लगी थी, जिसके बाद ग्रामीणों ने एक-दूसरे को सतर्क कर सामूहिक रूप से आग बुझाने का अभियान शुरू किया।
वन विभाग की टीम ने भी मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों के साथ मिलकर आग पर काबू पाने का प्रयास किया। ग्राम प्रधान भरत कुमार, रमेश, शिब्बू और सनोज सहित कई ग्रामीण देर रात तक आग बुझाने में जुटे रहे।