झूलाघाट (पिथौरागढ़): भारत सरकार द्वारा नेपाल को चीनी निर्यात पर 30 सितंबर तक पूर्ण प्रतिबंध लगाए जाने का असर अब सीमावर्ती बाजारों में दिखाई देने लगा है। पिथौरागढ़ जिले के झूलाघाट और धारचूला से नेपाल लौट रहे नागरिकों को कस्टम चौकियों पर चीनी ले जाने से रोक दिया गया। कई लोगों को खरीदी गई चीनी वापस करनी पड़ी।
13 मई से लागू हुए इस आदेश के बाद शनिवार और रविवार को झूलाघाट बाजार में स्थिति बदली नजर आई। नेपाल से बड़ी संख्या में लोग रोजमर्रा का सामान खरीदने के लिए झूलाघाट, धारचूला और जौलजीबी के बाजारों में पहुंचते हैं। लेकिन इस बार अंतरराष्ट्रीय झूला पुल पर तैनात कस्टम अधिकारियों ने चीनी लेकर जा रहे लोगों को रोक दिया।
कस्टम विभाग ने स्पष्ट कर दिया कि प्रतिबंध के तहत अब एक ग्राम चीनी भी सीमा पार नहीं ले जाई जा सकती। ऐसे में कई नेपाली नागरिकों को चीनी वापस दुकानों में लौटानी पड़ी।
इस फैसले से स्थानीय व्यापारियों में भी नाराजगी देखने को मिली। शाम के समय Jhoolaghat Nagar Udyog Vyapar Mandal के पदाधिकारी कस्टम कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों से मुलाकात की।
व्यापार मंडल के पदाधिकारियों का कहना था कि नेपाली ग्राहकों की मांग को देखते हुए व्यापारियों ने पहले से बड़ी मात्रा में चीनी का स्टॉक मंगाया है। अचानक प्रतिबंध लागू होने से कारोबार प्रभावित हो रहा है। व्यापारियों ने सीमित मात्रा में बिक्री की अनुमति देने की मांग भी उठाई।
इस दौरान व्यापार मंडल अध्यक्ष योगेश भट्ट, उपाध्यक्ष सुमित और प्रमोद कुमार भट्ट सहित कई व्यापारी मौजूद रहे।
Sujeet Singh ने बताया कि भारत सरकार के निर्देशों के अनुसार 13 मई से 30 सितंबर तक नेपाल को चीनी निर्यात पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया गया है और सीमा पार किसी भी मात्रा में चीनी ले जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

