बंगाल में सत्ता का नया अध्याय: भाजपा विधायक दल की बैठक पर टिकी देशभर की नजरें

 

 

 

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति में शुक्रवार का दिन ऐतिहासिक मोड़ साबित हो सकता है। विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत के बाद अब भारतीय जनता पार्टी के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर बंगाल की सत्ता की कमान किस चेहरे को सौंपी जाएगी। इसी को लेकर कोलकाता में होने वाली भाजपा विधायक दल की बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है।

न्यूटाउन स्थित विश्व बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में आयोजित होने वाली यह बैठक केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि बंगाल की आगामी राजनीतिक दिशा तय करने वाला बड़ा फैसला मानी जा रही है। खास बात यह है कि मुख्यमंत्री पद को लेकर जारी अटकलों के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह खुद कोलकाता पहुंच रहे हैं, जिससे इस बैठक का राजनीतिक महत्व और बढ़ गया है।

अमित शाह की मौजूदगी ने बढ़ाई हलचल

पार्टी सूत्रों के अनुसार विधायक दल की बैठक में नए नेता का चुनाव किया जाएगा, जिसके बाद मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लग जाएगी। भाजपा नेतृत्व इस फैसले को केवल सरकार गठन तक सीमित नहीं रखना चाहता, बल्कि इसे राष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से भी बड़ा संदेश माना जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अमित शाह की सीधी मौजूदगी इस बात का संकेत है कि भाजपा बंगाल में अपनी रणनीति को बेहद सोच-समझकर आगे बढ़ाना चाहती है। पार्टी की नजर सिर्फ राज्य की सत्ता पर नहीं, बल्कि आने वाले लोकसभा चुनावों की राजनीतिक जमीन मजबूत करने पर भी है।

मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे सुवेंदु अधिकारी

मुख्यमंत्री पद की चर्चा में सबसे प्रमुख नाम नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी का सामने आ रहा है। ममता बनर्जी के खिलाफ लगातार आक्रामक रुख और बंगाल में मजबूत जनाधार के चलते उन्हें भाजपा का सबसे प्रभावशाली बंगाली चेहरा माना जा रहा है।

नंदीग्राम से लेकर भवानीपुर तक ममता बनर्जी को कड़ी चुनौती देने वाले सुवेंदु अधिकारी ने पार्टी के भीतर भी अपनी मजबूत पकड़ बनाई है। संगठन और जमीनी राजनीति दोनों में उनकी सक्रिय भूमिका को भाजपा की बड़ी ताकत माना जा रहा है। हालांकि पार्टी ने अब तक किसी नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।

ब्रिगेड परेड ग्राउंड में होगा भव्य शक्ति प्रदर्शन

सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा के बाद 9 मई को नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित किया जाएगा। भाजपा इस कार्यक्रम को सिर्फ संवैधानिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि बंगाल में अपनी ऐतिहासिक जीत के बड़े राजनीतिक प्रदर्शन के रूप में देख रही है।

बताया जा रहा है कि समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, कई केंद्रीय मंत्री और भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हो सकते हैं। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि भाजपा बंगाल में सत्ता परिवर्तन को राष्ट्रीय राजनीति के बड़े घटनाक्रम के रूप में पेश करना चाहती है।

नई सरकार से जनता की बड़ी उम्मीदें

विशेषज्ञों का मानना है कि भाजपा मुख्यमंत्री चयन में जातीय समीकरण, बंगाली अस्मिता और संगठनात्मक संतुलन जैसे कई पहलुओं को ध्यान में रख रही है।

वहीं आम जनता की निगाहें अब नई सरकार की कार्यशैली पर टिकी हैं। चुनाव प्रचार के दौरान रोजगार, उद्योग, कानून-व्यवस्था और केंद्र-राज्य संबंध जैसे मुद्दे प्रमुख रहे थे। ऐसे में लोगों को उम्मीद है कि नई सरकार इन वादों को कितनी तेजी से जमीन पर उतारती है, यही आने वाले समय की राजनीति तय करेगा।

 
 
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