देहरादून: CM धामी सरकार ने प्रदेशभर में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए आवासीय सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्य सचिव आनंद बर्धन के निर्देशन में जर्जर सरकारी आवासों के पुनर्निर्माण और नए आधुनिक आवासों के निर्माण की व्यापक योजना पर तेजी से काम शुरू हो गया है।
राज्य संपत्ति विभाग के अनुसार, लंबे समय से कई सरकारी आवास खस्ताहाल स्थिति में हैं, जिससे कर्मचारियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। अब सरकार ऐसे भवनों की पहचान कर उन्हें मरम्मत या पुनर्निर्माण के माध्यम से आधुनिक स्वरूप देने की तैयारी कर रही है।
सर्वे से तय होगी नई रणनीति
प्रदेश के सभी जिलों में जर्जर आवासों का सर्वे कराया जाएगा। जिन भवनों की स्थिति अत्यंत खराब है, उन्हें हटाकर नए आवास बनाए जाएंगे। साथ ही जहां विभागीय भूमि उपलब्ध है, वहां आधुनिक आवासीय परिसरों का निर्माण किया जाएगा, ताकि कर्मचारियों को सुरक्षित और सुविधाजनक रहने की सुविधा मिल सके।
निगरानी के लिए बनी उच्चस्तरीय समिति
योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य संपत्ति विभाग ने उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। यह समिति भूमि, भवनों और निर्माण संभावनाओं का आकलन कर विस्तृत प्रस्ताव तैयार करेगी। साथ ही निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयसीमा सुनिश्चित करने के लिए नियमित मॉनिटरिंग भी की जाएगी।
देहरादून के रेसकोर्स में बनेंगे नए आवास
देहरादून के ओल्ड ऑफिसर्स कॉलोनी, रेसकोर्स क्षेत्र में नए आवास निर्माण की योजना तैयार की गई है। यहां श्रेणी-2 के 31 और श्रेणी-4 के 10 नए आवास बनाए जाएंगे। इन परियोजनाओं पर क्रमशः लगभग ₹14.58 करोड़ और ₹7.43 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। प्रस्तावों को समिति की सहमति मिल चुकी है।
कर्मचारियों को मिलेगा बेहतर कार्य परिवेश
आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर यह पहल तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने कहा कि पुराने आवासों की पहचान कर उन्हें आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा, जिससे कर्मचारियों को बेहतर रहने का वातावरण मिलेगा और उनकी कार्यक्षमता में भी सुधार होगा।
सरकार की इस पहल को प्रदेश में सरकारी आवासीय ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं और सुरक्षित आवास उपलब्ध हो सकेंगे।