गोपेश्वर (चमोली): नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के अंतर्गत आने वाली फूलों की घाटी रेंज में उच्च हिमालयी क्षेत्र की सुरक्षा और वन्यजीवों की निगरानी को लेकर छह दिवसीय सघन गश्त अभियान चलाया गया। इस दौरान ट्रैप कैमरों में स्नो लेपर्ड समेत कई दुर्लभ वन्यजीव कैद हुए हैं।
यह अभियान मुख्य रूप से शीतकाल के दौरान संभावित अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने और वन्यजीवों के पारिस्थितिकी तंत्र के अध्ययन के उद्देश्य से संचालित किया गया। विशेष रूप से शीतकाल में फूलों की घाटी रेंज में आग की घटनाओं के बाद यह गश्त अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही थी।
गश्ती दल गोविंदघाट रेंज कार्यालय से रवाना हुआ था। टीम ने घांघरिया और फूलों की घाटी के मुख्य क्षेत्रों का सघन भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इसके बाद गश्ती दल ने भ्यूंडार घाटी के दुर्गम क्षेत्र सिमर टोली तक पहुंचकर निरीक्षण किया।
इन वन्यजीवों की हुई पुष्टि
ट्रैप कैमरों में निम्न वन्यजीव कैद किए गए—
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स्नो लेपर्ड
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कस्तूरी मृग
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राज्य पक्षी मोनाल
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गुलदार
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लेपर्ड कैट
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भालू
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हिमालयन सेरो
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हिमालयन थार
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यलो थ्रोटेड मार्टिन
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रेड फॉक्स
ड्रोन सर्वे से बढ़ी निगरानी क्षमता
गश्त के दौरान फूलों की घाटी, घांघरिया और भ्यूंडार क्षेत्रों में ड्रोन से हवाई सर्वेक्षण भी किया गया। ड्रोन से प्राप्त तस्वीरों और वीडियो के विश्लेषण से उन दुर्गम इलाकों की निगरानी संभव हो सकी, जहां मानवीय पहुंच कठिन होती है।
संपूर्ण गश्त और ड्रोन सर्वे के दौरान पार्क क्षेत्र के भीतर किसी भी प्रकार की अवैध मानवीय गतिविधि, अतिक्रमण या शिकार के कोई साक्ष्य नहीं मिले, जो वन विभाग की सतर्कता को दर्शाता है।
गश्ती दल में शामिल रहे
गश्ती टीम में अनुभाग अधिकारी जय प्रकाश, वन बीट अधिकारी नरेंद्र सिंह, सुशील चौहान, नागेंद्र सिंह, अजय सिंह रावत, वन आरक्षी अरविंद सिंह, प्रीतम सिंह, मनोज भट्ट सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे।

