रुड़की: मंगलौर नहर पटरी पर मिले युवक के शव की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। छह दिन पहले हुई इस सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस ने एक ऐसे व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिसने कभी प्रदेश का नाम रोशन किया था। वर्ष 2019 का मिस्टर उत्तराखंड रह चुका यह युवक अब ₹20 हजार की लूट के लिए हत्या का आरोपित निकला है।
रविवार को सिविल लाइंस कोतवाली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि 17 फरवरी को कांवड़ पटरी क्षेत्र में एक अज्ञात युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई थी। जांच में मृतक की पहचान मंगलौर के घोसीपुरा निवासी प्रदीप के रूप में हुई। पोस्टमार्टम में गला दबाकर हत्या किए जाने और सिर पर गंभीर चोट के प्रमाण मिले।
CCTV ने खोला राज
पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर तकनीकी साक्ष्यों पर फोकस किया। आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की बारीकी से जांच की गई। फुटेज में एक युवक मृतक के साथ बाइक पर जाता दिखाई दिया। इसी सुराग के आधार पर पुलिस ने देवबंद तिराहे के पास से आरोपी को दबोच लिया।
गिरफ्तार युवक ने अपना नाम विनायक त्यागी, निवासी ग्राम बरला, थाना छपार, जिला मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) बताया। पूछताछ में उसने कबूल किया कि वह वर्तमान में ज्वालापुर क्षेत्र में रह रहा था।
शराब की तलाश, दोस्ती और फिर हत्या
पुलिस के अनुसार घटना की रात विनायक रुड़की में एक शराब की दुकान के बाहर बस का इंतजार कर रहा था। उसी दौरान प्रदीप वहां पहुंचा, लेकिन दुकान बंद मिलने पर दोनों में बातचीत हो गई। इसके बाद दोनों बाइक से दूसरी शराब की दुकान पहुंचे और शराब लेकर कांवड़ पटरी के रास्ते एक बाग में बैठ गए।
यहीं बातचीत के दौरान विनायक को पता चला कि प्रदीप के पास ₹20 हजार नकद हैं। लालच ने दोस्ती को अपराध में बदल दिया। आरोपी ने पहले गला दबाकर प्रदीप की हत्या की, फिर पत्थर से वार कर उसकी मौत सुनिश्चित की और पैसे लेकर फरार हो गया।
पढ़ा-लिखा था आरोपी, नशे ने बदली राह
एसएसपी ने बताया कि विनायक पढ़ाई में होशियार था और देहरादून के दून इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस से स्नातक कर चुका है। वर्ष 2019 में उसने मिस्टर उत्तराखंड का खिताब भी जीता था, लेकिन नशे की लत ने उसके जीवन को पूरी तरह पटरी से उतार दिया।
हत्या के इस मामले के सफल खुलासे पर मंगलौर कोतवाली और सीआईयू की संयुक्त टीम को आईजी रेंज की ओर से ₹5,000 का इनाम देने की घोषणा की गई है।
250 कैमरों की जांच के बाद मिली कामयाबी
पुलिस अधीक्षक देहात शेखर सुयाल ने बताया कि इस केस में कई पुलिस टीमों को लगाया गया था। रोडवेज बस अड्डे से लेकर शहर के विभिन्न हिस्सों में लगे लगभग 250 सीसीटीवी कैमरों की जांच के बाद ही आरोपी तक पहुंचा जा सका।

