Site icon The Mountain People

ईज ऑफ़ डूइंग बिज़नेस फेज-2 पर फोकस: उत्तराखंड को निवेश के लिए और सरल बनाने की दिशा में बड़ा कदम

 

 

 

 

देहरादून: उत्तराखंड में कारोबार को और अधिक सरल, पारदर्शी और निवेश-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से ईज ऑफ़ डूइंग बिज़नेस (फेज-2) के तहत किए जा रहे कार्यों की सोमवार को सचिवालय में विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा बैठक की अध्यक्षता केंद्र सरकार द्वारा गठित टास्क फोर्स की अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की सचिव मीता राजीव लोचन तथा राज्य के मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने संयुक्त रूप से की।

बैठक में मीता राजीव लोचन ने बताया कि डी-रेगुलेशन 1.0 और कम्प्लायंस रिडक्शन के क्षेत्र में उत्तराखंड ने देशभर में पांचवां स्थान हासिल किया है। उन्होंने सिंगल विंडो सिस्टम, भूमि उपयोग, होम-स्टे नीति, उद्यमिता और श्रम सुधारों को लेकर राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना की।

फेज-2 में तय हुईं 9 प्रमुख प्राथमिकताएं

उन्होंने बताया कि ईज ऑफ़ डूइंग बिज़नेस फेज-2 के अंतर्गत उत्तराखंड के लिए कुल 9 प्राथमिकताएं तय की गई हैं। इनमें भूमि उपयोग, भवन एवं निर्माण स्वीकृति के लिए सिंगल विंडो सिस्टम, पर्यावरण सुधार, पर्यटन क्षेत्र में नवाचार जैसे महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं। इनका उद्देश्य विकास की गति तेज करना, निवेश को प्रोत्साहित करना, आधारभूत ढांचे को मजबूत करना और आम नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है।

छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने पर ज़ोर

मीता राजीव लोचन ने सुझाव दिया कि उद्योगों से जुड़े प्रकरणों और प्रस्तावों को तय समयसीमा के भीतर मंजूरी देने की व्यवस्था और मजबूत की जाए। इसके साथ ही छोटे उद्योगों के लिए सेल्फ-सर्टिफिकेशन सिस्टम लागू करने पर भी बल दिया गया, ताकि छोटे निवेशकों को अनावश्यक प्रक्रियाओं से राहत मिल सके।

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर बना उत्तराखंड की ताकत

उन्होंने बताया कि उत्तराखंड का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) में लगभग 26 प्रतिशत योगदान देता है, जो राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक है। इस क्षेत्र का करीब 65 प्रतिशत हिस्सा पंजीकृत औद्योगिक इकाइयों के माध्यम से संचालित होता है।

कुशल मानव संसाधन, उच्च साक्षरता दर, बेहतर जीवन गुणवत्ता और प्राकृतिक सौंदर्य के कारण उत्तराखंड निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनकर उभरा है।

निवेशकों के अनुकूल नियमों पर काम

बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि राज्य में सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से निवेशकों को सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भवन एवं निर्माण, बिजली, श्रम सुधार, अग्निशमन, पर्यटन, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे अहम क्षेत्रों में निरंतर सुधार किए जा रहे हैं। निवेशकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नियमों को सरल और व्यावहारिक बनाया जा रहा है।

मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि वे आपसी समन्वय के साथ ईज ऑफ़ डूइंग बिज़नेस फेज-2 के अंतर्गत केंद्र सरकार द्वारा तय मानकों का सख्ती से पालन करें और राज्य को उद्योग एवं निवेश के लिए और अधिक सहज बनाएं।

Exit mobile version