नई दिल्ली: असम, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में प्रस्तावित विधानसभा चुनावों को लेकर चुनाव आयोग ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। आयोग से जुड़े संकेतों के मुताबिक इन पांचों राज्यों के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा मार्च के पहले सप्ताह में की जा सकती है। वर्ष 2021 की तरह इस बार भी इन राज्यों में एक साथ चुनाव कराए जाने की संभावना है।
हालांकि, मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को देखते हुए घोषणा में कुछ दिनों का अंतर संभव माना जा रहा है। आयोग सूत्रों के अनुसार, सभी राज्यों की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद ही औपचारिक निरीक्षण शुरू किया जाएगा।
चुनावी तैयारियों की जमीनी हकीकत परखने के लिए चुनाव आयोग 15 फरवरी के बाद राज्यों का दौरा शुरू कर सकता है। इससे पहले आयोग ने अपने निचले स्तर के अधिकारियों को संबंधित राज्यों में भेजना शुरू कर दिया है, ताकि प्रशासनिक और लॉजिस्टिक तैयारियों की रिपोर्ट तैयार की जा सके।
इसी क्रम में आयोग की एक टीम असम पहुंच चुकी है, जबकि अन्य राज्यों में भी जल्द टीमें रवाना होंगी। हाल ही में चुनाव आयोग ने इन पांचों राज्यों में तैनात किए जाने वाले पर्यवेक्षकों के साथ बैठक कर चुनावी प्रक्रिया के दौरान बरती जाने वाली सतर्कताओं और जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की।
आयोग के मुताबिक असम की अंतिम मतदाता सूची 10 फरवरी को जारी की जाएगी, जबकि पश्चिम बंगाल, केरल और पुडुचेरी की सूची 14 फरवरी तथा तमिलनाडु की 17 फरवरी को प्रकाशित होगी। इसके बाद ही आयोग औपचारिक रूप से चुनावी तैयारियों का मूल्यांकन करेगा।
राजनीतिक दृष्टि से भी ये चुनाव बेहद अहम माने जा रहे हैं। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल में वर्तमान में विपक्षी दलों की सरकारें हैं, जबकि असम और पुडुचेरी में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सरकार है।
अन्य राज्यों में भी SIR की तैयारी
बिहार के बाद अब चुनाव आयोग देश के अन्य राज्यों में भी मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण की तैयारी में जुट गया है। महाराष्ट्र, झारखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर सहित करीब 12 राज्यों में जल्द ही SIR प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है। आयोग सूत्रों का कहना है कि शेष बचे राज्यों में यह प्रक्रिया एक साथ शुरू की जाएगी, जिसे हर हाल में मई के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

