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“आवाज़ सुनो पहाड़ों की – फिल्म फेस्टिवल 2026” में सीएम धामी, हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र के सौंदर्यीकरण की घोषणा

 

 

 

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को आयोजित “आवाज़ सुनो पहाड़ों की – फिल्म फेस्टिवल 2026” में सहभागिता करते हुए राज्य में फिल्म संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इस दौरान उन्होंने हिमालयन सांस्कृतिक केंद्र के प्रेक्षागृह के सौंदर्यीकरण की घोषणा करते हुए कहा कि इससे कलाकारों और दर्शकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने “श्रद्धा सम्मान” पुस्तिका का लोकार्पण किया तथा “आवाज़ सुनो पहाड़ों की – सीजन 2” का विधिवत शुभारंभ भी किया। उन्होंने आयोजक संस्था शारदा स्वर संगम फिल्म प्रोडक्शन हाउस की सराहना करते हुए कहा कि यह मंच उत्तराखंड की लोक-संस्कृति और रचनात्मक प्रतिभाओं को नई पहचान देने का सशक्त माध्यम बन रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन राज्य को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय फिल्म मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे। इससे न केवल संस्कृति का संरक्षण होगा, बल्कि युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने और आगे बढ़ने के अवसर भी मिलेंगे।

उन्होंने कहा कि सिनेमा समाज का दर्पण होता है, जो सामाजिक कुरीतियों, असमानताओं और जमीनी सच्चाइयों को प्रभावशाली तरीके से सामने लाने का कार्य करता है। फिल्मों के माध्यम से सकारात्मक परिवर्तन लाने की अपार संभावनाएं हैं।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की प्राकृतिक विविधता का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां की वादियां, पर्वत, नदियां और धार्मिक स्थल फिल्म निर्माताओं के लिए प्राकृतिक स्टूडियो की तरह हैं। नैनीताल, मसूरी, औली, चकराता, मुन्स्यारी, कौसानी, चोपता के साथ-साथ चारधाम, हरिद्वार, ऋषिकेश, कैंची धाम और हेमकुंड साहिब जैसे स्थल शूटिंग के लिए अत्यंत उपयुक्त हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा” के संकल्प को साकार करने के लिए राज्य सरकार उत्तराखंड को एक फिल्म हब के रूप में विकसित कर रही है। इसके लिए नई फिल्म नीति लागू की गई है, जिसके तहत फिल्मों, वेब सीरीज और विदेशी प्रोजेक्ट्स को आकर्षक सब्सिडी दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड में शूटिंग की अनुमति प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। ऑनलाइन सिंगल विंडो सिस्टम के जरिए कम समय में अनुमति दी जाती है और राज्य में शूटिंग शुल्क भी नहीं लिया जाता।

उन्होंने फिल्मकारों को उत्तराखंड आने का आमंत्रण देते हुए कहा कि सरकार सुरक्षा, सुविधा और सहयोग के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भविष्य में राज्य में फिल्म सिटी, स्टूडियो और फिल्म संस्थानों की स्थापना की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि “आवाज़ सुनो पहाड़ों की – फिल्म फेस्टिवल 2026” उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के साथ-साथ युवाओं के लिए रोजगार और रचनात्मक अवसरों के नए द्वार खोलेगा।

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