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केदारनाथ धाम और पैदल मार्ग पर भालुओं का बढ़ता आतंक, मजदूरों में दहशत

 

 

 

 

रुद्रप्रयाग: केदारनाथ धाम और उससे जुड़े पैदल मार्ग पर इन दिनों भालुओं की गतिविधियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। बताया जा रहा है कि क्षेत्र में तीन भालू सक्रिय हैं, जो केदारनाथ धाम के साथ-साथ लिनचोली, भीमबली और आसपास के पड़ावों में भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं।

भालू घरों और दुकानों के दरवाजे तोड़कर भीतर घुस रहे हैं और राशन व खाद्य सामग्री को नुकसान पहुंचा रहे हैं। हाल ही में लिनचोली क्षेत्र की एक दुकान का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक भालू दरवाजा तोड़कर दुकान में घुसता और राशन खाते हुए साफ दिखाई दे रहा है।

इससे पहले भी शीतकाल के दौरान केदारनाथ धाम में भालुओं द्वारा प्रतिष्ठानों में घुसकर तोड़फोड़ की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। खास बात यह है कि भालुओं की आवाजाही रात के समय अधिक हो रही है, जिससे क्षेत्र में मौजूद लोगों का घरों में रखा राशन भी सुरक्षित नहीं रह गया है।

पैदल मार्ग पर काम कर रहे मजदूरों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है। शीतकाल में केदारनाथ धाम में व्यापारी और दुकानदार नहीं रहते, केवल पुनर्निर्माण कार्य में लगे मजदूर ही वहां मौजूद हैं। भालुओं की लगातार मौजूदगी से मजदूरों में दहशत का माहौल है।

इस संबंध में जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि केदारघाटी क्षेत्र में तीन भालू सक्रिय हैं और उनसे नुकसान की सूचनाएं लगातार मिल रही हैं। संबंधित विभागों को सतर्क कर दिया गया है और पूरे मामले पर नजर रखी जा रही है।

प्रशासन की ओर से केदारनाथ धाम और पैदल मार्ग पर रह रहे मजदूरों को सतर्क रहने तथा रात के समय अकेले बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। वहीं स्थानीय लोग और तीर्थ पुरोहित वन विभाग से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं, ताकि आने वाले समय में श्रद्धालुओं और श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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