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सांसद खेल महोत्सव 2025: सहसपुर में दिखा ग्रामीण प्रतिभाओं का दम, 400 से अधिक खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा

 

 

 

देहरादून: युवाओं में खेल भावना को प्रोत्साहित करने और ग्रामीण अंचलों की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच तक पहुँचाने के उद्देश्य से सांसद डॉ. नरेश बंसल के सौजन्य से “युवा शक्ति का उत्सव – सांसद खेल महोत्सव 2025” के अंतर्गत देहरादून जनपद में विकासखंड स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन किया जा रहा है। दो दिवसीय इस खेल महोत्सव में बड़ी संख्या में खिलाड़ी और खेलप्रेमी उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं।

विकासखंड सहसपुर के मिनी स्टेडियम, शंकरपुर में आयोजित प्रतियोगिता के दूसरे दिन जनपद के विभिन्न विकासखंडों से आए खिलाड़ियों ने भाग लिया। इसमें सहसपुर, विकासनगर, कालसी और रायपुर विकासखंड से लगभग 400 प्रतिभागियों ने विभिन्न स्पर्धाओं में अपना दमखम दिखाया।

कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल और एथलेटिक्स में दिखा जबरदस्त रोमांच

खेल महोत्सव के अंतर्गत कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, एथलेटिक्स और पिट्टू जैसी ग्रामीण और पारंपरिक खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। खिलाड़ियों ने पूरे जोश, अनुशासन और खेल भावना के साथ शानदार प्रदर्शन किया, जिससे दर्शकों में खासा उत्साह देखने को मिला।

ग्रामीण प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच देने का सशक्त माध्यम – डॉ. नरेश बंसल

अपने संदेश में सांसद डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में आयोजित सांसद खेल महोत्सव ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को आगे लाने का एक सशक्त माध्यम बन रहा है। उन्होंने कहा कि खेलों से अनुशासन, टीम भावना और आत्मविश्वास का विकास होता है, जो युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए बेहद जरूरी है।

डॉ. बंसल ने कहा कि अब वह दौर समाप्त हो चुका है जब खेलों को समय की बर्बादी माना जाता था। आज खेल एक मजबूत करियर विकल्प बन चुके हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि खेल न केवल उन्हें स्वस्थ रखता है, बल्कि उज्ज्वल भविष्य की राह भी स्वयं तय करने का अवसर देता है।

विजेता खिलाड़ी जाएंगे जिला स्तर पर

डॉ. नरेश बंसल ने बताया कि विकासखंड स्तरीय प्रतियोगिता में विजेता खिलाड़ी आगामी जिला स्तरीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्रदेश व केंद्र सरकार द्वारा सम्मान और शासकीय सेवाओं में अवसर भी प्रदान किए जा रहे हैं, जिससे युवाओं में खेलों के प्रति नया उत्साह पैदा हुआ है।

उन्होंने यह भी कहा कि 2030 में भारत में कॉमनवेल्थ और 2036 में ओलंपिक आयोजित होने की संभावना है, जिसमें कबड्डी जैसे पारंपरिक खेलों के शामिल होने से ग्रामीण खिलाड़ियों के लिए अपार संभावनाएँ खुलेंगी।

हर ब्लॉक तक खेलों को पहुँचाने का लक्ष्य

आयोजन समिति ने बताया कि सांसद खेल महोत्सव के माध्यम से प्रत्येक ब्लॉक में स्थानीय स्तर पर खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने और युवाओं को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर देने का लक्ष्य रखा गया है।

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