हरिद्वार: उत्तराखण्ड राज्य के गठन के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सूचना एवं लोक सम्पर्क विभाग की ओर से रोड़ीबेलवाला पार्किंग स्थल पर आयोजित तीन दिवसीय ‘देवभूमि रजत उत्सव’ का शुभारंभ राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने दीप प्रज्वलित कर एवं शंखनाद के साथ किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सांसद बंसल ने कहा कि उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारियों के संघर्ष और बलिदान का परिणाम है। उन्होंने कहा कि यह गर्व का विषय है कि राज्य 9 नवम्बर को अपनी रजत जयंती पूर्ण कर रहा है और इन 25 वर्षों में विकास की नई ऊंचाइयाँ हासिल की हैं।
सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में प्रदेश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों से प्रारंभ हुआ यह राज्य आज देश के अग्रणी राज्यों में शुमार हो गया है।
उन्होंने बताया कि राज्य ने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। प्रदेश में आठ मेडिकल कॉलेजों की स्थापना, सड़कों को ऑल वेदर रोड परियोजना से जोड़ना और ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन जैसी योजनाएँ प्रदेश को नए विकास आयाम दे रही हैं।
सांसद बंसल ने कहा कि मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में पिछले चार वर्षों में 25 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है। वित्तीय प्रबंधन में राज्य को हिमालयी राज्यों में दूसरा स्थान, पूंजीगत आय और प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि दर्ज की गई है। भ्रष्टाचार और अपराध के खिलाफ सरकार जीरो टॉलरेंस नीति पर कार्य कर रही है।
उन्होंने गर्वपूर्वक कहा कि उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है जिसने यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू किया है और नकल विरोधी कानून व भू-कानून को प्रभावी बनाया है।
सांसद ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि “तीसरा दशक उत्तराखण्ड का दशक होगा।” प्रदेश में गरीबी में 4 प्रतिशत की कमी आई है और पलायन की प्रक्रिया अब उलटी दिशा में जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि खनन नीति में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए केंद्र सरकार ने राज्य को 100 करोड़ रुपये का पुरस्कार प्रदान किया है।
सांसद बंसल ने कहा कि प्रधानमंत्री का विज़न है कि 2047 तक भारत एक विकसित राष्ट्र बने, और इस दिशा में उत्तराखण्ड की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने सभी नागरिकों से देश और राज्य के विकास में सकारात्मक योगदान देने का आह्वान किया।
इस अवसर पर सांसद ने डिजिटल प्रदर्शनी का शुभारंभ किया तथा राज्य एवं केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित विभागीय स्टॉलों का अवलोकन भी किया।
कार्यक्रम में राज्य आंदोलनकारियों को सम्मानित किया गया, जिनमें जगत सिंह रावत, जसवंत सिंह बिष्ट, भोपाल सिंह बिष्ट, अंजू उप्रेती, बीना नौटियाल, आशु बत्तर्वाल, भगवान जोशी, सुरेन्द्र सैनी, मदन गौड़, आनन्द सैनी, साकेत वशिष्ठ, भीम सिंह रावत, रोहित और विष्णुदत्त सेमवाल आदि शामिल थे।
देवभूमि रजत उत्सव के अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं द्वारा चित्रकला प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें जीपीएस 41, पीबीएमयू इंटर कॉलेज तथा गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के छात्रों ने प्रतिभाग किया।
