कतर की मध्यस्थता से पाकिस्तान-अफगानिस्तान में युद्धविराम, सीमा पर तनाव घटने की उम्मीद

 

 

 

दोहा/इस्लामाबाद/काबुल: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हाल के दिनों में बढ़े तनाव के बीच कतर की मध्यस्थता से बड़ी राहत मिली है। दोहा में हुई वार्ता के बाद दोनों देशों ने तत्काल युद्धविराम पर सहमति जताई है। सीमा पर लगातार गोलीबारी और हवाई हमलों से बिगड़े हालात के बीच यह समझौता क्षेत्रीय स्थिरता के लिए अहम माना जा रहा है।

वार्ता में अफगानिस्तान की ओर से रक्षा मंत्री मुल्ला मुहम्मद याकूब और पाकिस्तान की ओर से रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ शामिल हुए। रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले चार वर्षों में पाकिस्तान ने 1,200 से अधिक बार सीमा का उल्लंघन किया और करीब 700 बार हवाई घुसपैठ की। इन झड़पों में अब तक 100 से अधिक नागरिक और अफगान सुरक्षा कर्मियों की मौत हो चुकी है।

हाल ही में काबुल के पास हुए हवाई हमले के बाद स्थिति और गंभीर हो गई थी, जिसके जवाब में अफगान सेना ने 11 अक्टूबर को डूरंड रेखा के पास सीमित कार्रवाई की थी। कतर के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि आने वाले दिनों में दोनों देशों के प्रतिनिधि फिर से मिलेंगे और युद्धविराम के पूर्ण क्रियान्वयन पर चर्चा करेंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल दक्षिण एशिया में लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद को शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में आगे बढ़ा सकती है।

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