कोलकाता: राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (NCRB) की 2023 की रिपोर्ट के अनुसार बंगाल में अपहरण की घटनाओं में महिलाओं को सबसे अधिक निशाना बनाया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार 2023 में राज्य में महिलाओं के खिलाफ 6,920 अपहरण दर्ज किए गए, जबकि पुरुषों के खिलाफ यह संख्या 1,590 रही।
देशभर में अपहरण: NCRB के “Crime in India 2023” आंकड़ों के मुताबिक पूरे देश में एक साल में कुल 1,06,584 अपहरण की शिकायतें दर्ज की गईं। इसमें बंगाल की हिस्सेदारी 8,233 मामलों की रही। 2022 की तुलना में राज्य में अपहरण की संख्या में 145 की मामूली वृद्धि देखी गई।
उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक अपराध: रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि अपहरण से संबंधित अपराधों में उत्तर प्रदेश सबसे ऊपर है। यूपी में कुल 16,663 मामले दर्ज किए गए, जो बंगाल से दोगुने से भी अधिक हैं। इसके बाद बिहार (14,371) और महाराष्ट्र (13,106) का स्थान है।
सबसे कम अपहरण वाले क्षेत्र: राज्यों में मिजोरम में अपहरण के मामले सबसे कम दर्ज किए गए — केवल 5। केंद्र शासित प्रदेशों की बात करें तो लक्षद्वीप में 2023 में कोई अपहरण दर्ज नहीं हुआ, ठीक वैसे ही जैसे 2022 में था।
कोलकाता में कमी, दिल्ली में बढ़ोतरी: कोलकाता में 2023 में अपहरण के मामले घटकर 281 रह गए, जबकि 2022 में यह संख्या 452 थी। 2021 में यह 346 थी। देश के अन्य शहरों में दिल्ली अपहरण मामलों में सबसे ऊपर है। राजधानी में 2022 में 5,585 मामले दर्ज हुए थे, जो 2023 में बढ़कर 5,681 हो गए। मुंबई दूसरे स्थान पर है, जहां 1,798 मामले दर्ज किए गए। वहीं, कोच्चि (केरल) और कोयंबटूर (तमिलनाडु) में सबसे कम अपहरण (16-16 मामले) दर्ज हुए।
NCRB के आंकड़े यह दर्शाते हैं कि अपहरण जैसे अपराधों में राज्य और शहरों के बीच व्यापक अंतर है। बंगाल में महिलाओं को निशाना बनाए जाने की दर चिंता का विषय है, जबकि कुछ दक्षिणी और पहाड़ी राज्य अपेक्षाकृत सुरक्षित दिखाई दे रहे हैं।

